इस्लामाबाद/नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए संघर्षविराम समझौते के बीच पाकिस्तान की ओर से एक अहम बयान सामने आया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने रविवार को स्पष्ट किया कि वह भारत के साथ हुए संघर्षविराम को पूरी ईमानदारी से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही पाकिस्तान ने संवाद को ही समस्याओं के समाधान का एकमात्र रास्ता बताया है।
‘जिम्मेदारी और संयम से हालात संभाल रहे हैं’ – पाकिस्तान
पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “हम संघर्षविराम को गंभीरता से ले रहे हैं। हमारी सेनाएं हालात को जिम्मेदारी और संयम के साथ संभाल रही हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी संभावित चुनौती या मतभेद को हल करने के लिए संवाद ही सर्वोत्तम माध्यम है।
सीजफायर के बाद भी उल्लंघन – भारत की नाराजगी
हालाँकि, समझौते के कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तान द्वारा कथित रूप से सीजफायर का उल्लंघन किया गया। इसके बाद भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने प्रेस वार्ता में पाकिस्तान से इस उल्लंघन पर कार्रवाई करने की मांग की और गंभीरता के साथ हालात से निपटने का आह्वान किया।
सीजफायर: पाकिस्तान ‘संघर्षविराम’, भारत बोले ‘आपसी सहमति’
दिलचस्प बात यह है कि जहां पाकिस्तान इसे संघर्षविराम समझौता कह रहा है, वहीं भारत इसे एक ‘आपसी सहमति’ करार देता है। यह टर्मिनोलॉजी दोनों देशों की कूटनीतिक भाषा में अंतर को दर्शाता है।
पृष्ठभूमि: आतंकवादी हमले के बाद बढ़ा तनाव
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की मौत के बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाया था। इसके जवाब में भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इस जवाबी कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था।
निष्कर्ष:
सीजफायर को लेकर पाकिस्तान की यह नई प्रतिक्रिया भले ही संवाद की बात करती हो, लेकिन ज़मीनी हालात और विश्वसनीयता को लेकर सवाल बने हुए हैं। भारत स्पष्ट कर चुका है कि कोई भी हरकत सहन नहीं की जाएगी, और जवाब उसी भाषा में दिया जाएगा। ऐसे में दोनों देशों के बीच शांति के प्रयास कितने टिकाऊ होंगे, यह समय ही बताएगा।
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