दमिश्क (सीरिया):
सीरिया की राजधानी दमिश्क में रविवार को एक गिरजाघर (चर्च) पर हुए आत्मघाती हमले में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों अन्य घायल हुए हैं। सीरिया के गृह मंत्रालय ने पुष्टि की है कि यह हमला आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) से जुड़े एक आत्मघाती हमलावर ने अंजाम दिया।
पूरे चर्च में तबाही का मंजर
हमला दमिश्क के बाहरी इलाके द्वेलाआ स्थित मार एलियास चर्च में हुआ, जहां रविवार की प्रार्थना सभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, बच्चे, और वृद्ध मौजूद थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि लकड़ी की बेंचें उछलकर चर्च के मुख्य द्वार तक आ गिरीं। इसके बाद चर्च में आग लग गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
2011 के बाद चर्च पर पहला हमला
यह हमला सीरिया में 2011 में शुरू हुए गृहयुद्ध के बाद किसी भी चर्च पर पहली बार हुआ है।
इससे पहले राजधानी में इस स्तर का हमला तब देखा गया था, जब इस्लामी विद्रोहियों ने दिसंबर में राष्ट्रपति बशर अल-असद को सत्ता से बेदखल किया था।
सरकार और संयुक्त राष्ट्र की तीखी प्रतिक्रिया
सीरिया के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा:
“यह राष्ट्रीय एकता को तोड़ने और देश में अस्थिरता फैलाने की एक हताश कोशिश है।”
संयुक्त राष्ट्र ने भी हमले को “क्रूर” और “धर्मस्थल को निशाना बनाए जाने की निंदनीय कोशिश” बताया है।
यूएन प्रवक्ता ने एक बयान में कहा:
“इस तरह के हमले सीरिया की बहुधर्मी सामाजिक संरचना पर हमला हैं और शांति प्रयासों को कमजोर करते हैं।”
📍 मुख्य बातें संक्षेप में:
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स्थान: मार एलियास चर्च, द्वेलाआ, दमिश्क
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मृतक: कम से कम 20
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घायल: दर्जनों, कई की हालत गंभीर
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हमलावर: ISIS से जुड़ा आत्मघाती
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प्रतिक्रिया: सीरियाई सरकार, संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने निंदा की
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