नई दिल्ली/तेल अवीव:
ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के परमाणु ठिकानों पर हमले ने पूरे पश्चिम एशिया को युद्ध की दहलीज पर ला खड़ा किया है। ऐसे हालात में भारत सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंधु’ के तहत इज़राइल में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी की प्रक्रिया तेज़ कर दी है।
सोमवार सुबह, भारतीय दूतावास के बाहर दर्जनों लोग बैग पैक किए कतारों में खड़े नजर आए, जबकि एक के बाद एक बसें उन्हें निकालने के लिए तैनात की गईं।
हवाई सीमा बंद, ज़मीन के रास्ते से हो रही निकासी
इज़राइल ने सुरक्षा कारणों से अपने हवाई क्षेत्र को पूरी तरह बंद कर दिया है और सभी वाणिज्यिक उड़ानों पर रोक है। ऐसे में भारत सरकार ने भूमि मार्ग के जरिए भारतीय नागरिकों को जॉर्डन या मिस्र पहुंचाया, जहां से उन्हें विशेष उड़ानों द्वारा नई दिल्ली लाया जा रहा है।
अब तक 300 से अधिक भारतीय इस सुरक्षित निकासी अभियान का हिस्सा बन चुके हैं। पहला जत्था इज़राइल से रवाना हो चुका है।
18,000 भारतीयों में से अधिकांश जम्मू-कश्मीर के छात्र
वर्तमान में करीब 18,000 भारतीय नागरिक इज़राइल में रह रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र और IT पेशेवर शामिल हैं। खासतौर पर जम्मू-कश्मीर के छात्र भारी संख्या में फंसे हुए हैं।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने पहले ही स्पष्ट किया था कि
“जो भी भारतीय नागरिक इज़राइल छोड़ना चाहते हैं, भारत सरकार उनकी निकासी में हरसंभव सहायता देगी।”
भारत ने जारी की अहम जानकारी
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नागरिकों से https://www.indembassyisrael.gov.in/indian_national_reg वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करने की अपील की गई है।
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दूतावास ने 24×7 कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है:
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📞 फोन: +972 54-7520711, +972 54-3278392
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📧 ईमेल: cons1.telaviv@mea.gov.in
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ऑपरेशन सिंधु: ईरान में भी जारी
पिछले हफ्ते, भारत सरकार ने ईरान में भी ‘ऑपरेशन सिंधु’ शुरू किया, जहां तेहरान ने विशेष रूप से भारत के लिए अपना हवाई क्षेत्र खोला।
अब तक 1,400 से अधिक भारतीयों को ईरान से सुरक्षित निकाला जा चुका है।
दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचे नागरिकों ने ‘हिंदुस्तान ज़िंदाबाद’ के नारों के साथ अपने देश वापसी का जश्न मनाया।
ईरान में करीब 10,000 भारतीय रह रहे हैं। ईरान में भारत के उप मिशन प्रमुख मोहम्मद जवाद होसैनी ने बताया कि
“जो भी भारतीय स्वदेश लौटना चाहते हैं, उन्हें क्रमवार रूप से वापस भेजा जा रहा है।”
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