सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा-2021 के पेपर लीक मामले में गिरफ्तार 11 ट्रेनी एसआई और एक कॉन्स्टेबल को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस पंकज मित्थल शामिल थे, ने इनकी विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि आरोपियों ने लाखों प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों की भावनाओं के साथ खेला है और यह एक गंभीर अपराध है।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपियों ने नियमित जमानत याचिका लगाने से बचते हुए केस को तकनीकी रूप से उलझाने की कोशिश की, जो उनके खिलाफ लगे गंभीर आरोपों को कमजोर करने के लिए पर्याप्त नहीं था।
राज्य सरकार ने भी कोर्ट में कहा कि आरोपियों ने पहले अपनी गिरफ्तारी की वैधता को चुनौती नहीं दी थी और अब ये सिर्फ जांच से बचने के लिए दलीलें दे रहे हैं। हाईकोर्ट ने पहले ही 8 मई को 11 ट्रेनी एसआई और एक कॉन्स्टेबल की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
सुप्रीम कोर्ट में आरोपियों के वकील ने तर्क दिया कि एसओजी ने उन्हें 24 घंटे अवैध हिरासत में रखा, जिससे उनके अधिकारों का उल्लंघन हुआ। लेकिन अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने कहा कि यह दलीलें सिर्फ कानूनी परिणामों से बचने के लिए हैं और आरोपी ट्रायल से बचना चाहते हैं।
इससे पहले, जयपुर मेट्रो-द्वितीय के सीएमएम कोर्ट ने 11 ट्रेनी एसआई और एक कॉन्स्टेबल को 12 अप्रैल को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए थे। लेकिन हाईकोर्ट ने 8 मई को इस आदेश को रद्द कर दिया और कहा कि डीजीपी को पहले आरोपियों की गिरफ्तारी के तथ्यों की जांच करनी चाहिए थी।
एसओजी की टीम ने 3 अप्रैल को 11 ट्रेनी एसआई को गिरफ्तार किया था। साथ ही, जोधपुर में तैनात कॉन्स्टेबल अभिषेक बिश्नोई को भी गिरफ्तार किया गया, जो एसआई भर्ती परीक्षा 2021 में पास हुआ था, लेकिन उसने जॉइन नहीं किया था।
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