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मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में आज भारी दबाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 800 अंक गिरकर 76,600 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी 200 अंक से अधिक टूटकर लाल निशान में कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव आईटी सेक्टर के शेयरों पर रहा, जिसके चलते निवेशकों की चिंता बढ़ गई।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक संकेतों की कमजोरी, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और आईटी कंपनियों से जुड़े नकारात्मक संकेतों का असर घरेलू बाजार पर देखने को मिला। दिनभर के कारोबार में अधिकांश सेक्टोरल इंडेक्स दबाव में रहे, जबकि आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी इन्फोसिस के शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर करीब 8 प्रतिशत तक टूट गया, जिससे पूरे आईटी सेक्टर पर दबाव बढ़ गया। इसके अलावा अन्य प्रमुख टेक कंपनियों के शेयर भी नुकसान में कारोबार करते नजर आए।
विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और तकनीकी क्षेत्र की धीमी मांग को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ी है। अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर भी भारतीय बाजार पर दिखाई दिया। यही वजह रही कि निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों में मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी।
बैंकिंग, ऑटो और मेटल सेक्टर में भी मिलाजुला रुख देखने को मिला, लेकिन आईटी शेयरों में आई तेज गिरावट ने बाजार की दिशा तय की। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक आंकड़े, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करेंगी। फिलहाल निवेशकों को सतर्कता के साथ निवेश करने और बाजार की चाल पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
आज की गिरावट के बाद निवेशकों की संपत्ति में भी बड़ी कमी दर्ज की गई। हालांकि जानकारों का कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों को घबराने के बजाय मजबूत कंपनियों पर फोकस बनाए रखना चाहिए।
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