Related Articles
जयपुर में सैटेलाइट सिटी को लेकर राज्य सरकार ने प्लानिंग शुरू कर दी है। बजट में उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने जयपुर में ‘हाईटेक सिटी’ की घोषणा की थी, जिससे लोगों में उत्सुकता बढ़ी। इस योजना को अमल में लाने के लिए मुख्य सचिव ने यूडीएच-जेडीए अधिकारियों के साथ बैठक की और एक टीम गुजरात (गिफ्ट सिटी) भेजी गई।
मुख्य बिंदु:
- फागी में सबसे अधिक जमीन उपलब्ध: जेडीए के पास फागी में 400 हेक्टेयर जमीन है।
- आगरा रोड: रिंग रोड के पास 100 हेक्टेयर जमीन।
- बस्सी: यहां जेडीए के पास सरकारी जमीन नहीं है, लेकिन आसपास निजी जमीनें हैं।
जयपुर के लिए आगे का रास्ता:
- प्रोजेक्ट के लिए कम से कम 500 हेक्टेयर सरकारी भूमि की जरूरत।
- चारों ओर 1000 हेक्टेयर खाली जमीन।
- आर्थिक गतिविधियों और निवेशकों की पहचान के लिए कंसल्टेंट की नियुक्ति।
- प्रोजेक्ट के लिए सरकार कंपनी का गठन करे, जिसमें जेडीए मुख्य भागीदार रहे।
- निवेश आकर्षित करने के लिए संबंधित निवेशकों और डेवलपर्स के संपर्क साधे जाएं।
उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी की घोषणा:
जयपुर की बढ़ती आबादी और सुविधाओं के दबाव को देखते हुए सैटेलाइट सिटी विकसित की जाएगी। इस टाउनशिप में आईटी, फाइनेंशियल मैनेजमेंट आदि के संस्थानों और कंपनियों को स्थापित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए जाएंगे।
गिफ्ट सिटी (गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी):
गिफ्ट सिटी, गांधीनगर-गुजरात में स्थित है। इसका निर्माण 2002 में शुरू हुआ था। परियोजना के लिए 459 हेक्टेयर सरकारी जमीन आवंटित की गई थी। गिफ्ट सिटी में 67 प्रतिशत व्यावसायिक, 22 प्रतिशत आवासीय और 11 प्रतिशत सामाजिक बुनियादी ढांचा है। यहाँ 33 मंजिल आवासीय और 28 मंजिल व्यावसायिक उपयोग के लिए बनाई गई हैं।
यह सैटेलाइट सिटी योजना जयपुर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और लोगों को नई सुविधाएं और रोजगार के अवसर प्रदान करेगी।
CHANNEL009 Connects India
