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स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए मोहन सरकार की नई योजना, GIS 2025 से पहले जानें पूरी तैयारी

मध्य प्रदेश सरकार स्टार्टअप को मजबूत बनाने के लिए नई एमएसएमई और स्टार्टअप नीति लेकर आ रही है। इस नीति का उद्देश्य स्टार्टअप के विकास को तेज करना और उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करना है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) 2025 से पहले यह पहल शुरू की जा रही है, जिससे स्टार्टअप को सीड फंडिंग और अन्य सुविधाएं मिल सकेंगी।

नई नीति की खास बातें

  • स्टार्टअप को सीड फंडिंग मिलेगी ताकि वे अपने आइडिया को उद्यम में बदल सकें
  • इंक्यूबेशन सेंटर बनाए जाएंगे, जो नए स्टार्टअप को समर्थन देंगे।
  • उत्पाद आधारित स्टार्टअप के लिए विशेष पैकेज की व्यवस्था की जाएगी।
  • स्टार्टअप को केंद्र सरकार की मदद का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, वे सीधे राज्य सरकार से सहायता प्राप्त कर सकेंगे।
  • यह नीति जल्द ही कैबिनेट में पेश की जाएगी।

नई नीति क्यों जरूरी है?

  • स्टार्टअप को शुरुआती चरण में वित्तीय सहायता मिलना मुश्किल होता है
  • प्रोटोटाइप तैयार करने और उत्पाद विकसित करने के लिए शुरुआती पूंजी की जरूरत होती है।
  • इसलिए, सरकार स्टार्टअप्स को आर्थिक मदद देने और उनके लिए आसान फंडिंग उपलब्ध कराने पर काम कर रही है।

नीति में प्रमुख प्रावधान

पूंजीगत सब्सिडी बढ़ेगी ताकि छोटे उद्योग और स्टार्टअप बेहतर सुविधा प्राप्त कर सकें।
गुणवत्ता प्रमाणन, एनर्जी ऑडिट और बौद्धिक संपदा संरक्षण के लिए स्टार्टअप को अधिक लाभ मिलेगा।
निर्यात आधारित और ज्यादा रोजगार देने वाली इकाइयों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
बिजली, पानी और अन्य सुविधाओं में रियायतें दी जाएंगी।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में स्टार्टअप को मार्केटिंग व ब्रांडिंग में सहायता मिलेगी।

सीड फंडिंग क्या होती है?

  • यह एक प्रकार की प्रारंभिक पूंजी होती है, जिससे स्टार्टअप अपने आइडिया को विकसित कर सकते हैं
  • यह फंडिंग स्टार्टअप के शुरुआती खर्चों को कवर करने में मदद करती है।
  • इसके बाद स्टार्टअप अन्य निवेशकों और वेंचर कैपिटल फंड्स से भी फंडिंग ले सकते हैं।

MP में स्टार्टअप्स को मिलने वाली सुविधाएं

1️⃣ स्टार्टअप को SEBI-पंजीकृत निवेशकों या RBI-पंजीकृत बैंकों से निवेश का 15% (अधिकतम 15 लाख) तक की सहायता मिलती है।
2️⃣ महिला, अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के स्टार्टअप्स को 18% तक की आर्थिक मदद मिलती है
3️⃣ तीन साल तक 50% लीज रेंट की प्रतिपूर्ति (अधिकतम ₹5000/माह) दी जाएगी
4️⃣ अपने उत्पाद का पेटेंट कराने के लिए स्टार्टअप्स को 25 लाख तक की सहायता मिलेगी
5️⃣ घरेलू आयोजनों में भाग लेने के लिए ₹50,000 और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए ₹1.5 लाख तक की वित्तीय सहायता मिलेगी।

निष्कर्ष

मध्य प्रदेश सरकार की यह नई नीति स्टार्टअप को मजबूत करने के लिए एक बड़ी पहल है। इससे नए उद्यमियों को आर्थिक सहायता मिलेगी, उन्हें शुरुआती फंडिंग के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ेगा और वे अपने आइडिया को सफल व्यवसाय में बदल सकेंगे

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