Related Articles
हिमाचल प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। बीजेपी छोड़ चुके नेता राम लाल मार्कंडेय ने राज्य में तीसरा मोर्चा बनाने का ऐलान किया है।
मार्कंडेय का कहना है कि प्रदेश की जनता वर्तमान सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों से संतुष्ट नहीं है, इसलिए एक नए राजनीतिक विकल्प की जरूरत महसूस हो रही है।
अप्रैल में होगा तीसरे मोर्चे का ऐलान
मार्कंडेय ने बताया कि कई राजनीतिक दलों के नेता और कुछ सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी उनके संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि अप्रैल महीने में तीसरे मोर्चे की औपचारिक घोषणा की जाएगी।
पहले भी हुए हैं तीसरे विकल्प के प्रयास
हिमाचल प्रदेश में पहले भी तीसरा राजनीतिक विकल्प बनाने की कोशिशें हो चुकी हैं।
साल 1997 में सुख राम ने हिमाचल विकास कांग्रेस पार्टी बनाई थी। 1998 के विधानसभा चुनाव में इस पार्टी ने 5 सीटें जीतीं और बीजेपी नेता प्रेम कुमार धूमल को मुख्यमंत्री बनने में समर्थन दिया था।
इसके अलावा हिमाचल लोक राज पार्टी और लोकहित पार्टी जैसे क्षेत्रीय दल भी बने, लेकिन वे राज्य की राजनीति में ज्यादा मजबूत नहीं बन पाए।
विशेषज्ञों की राय
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि हिमाचल प्रदेश की 68 सीटों वाली विधानसभा में अब तक कोई भी तीसरा मोर्चा बड़ी सफलता हासिल नहीं कर पाया है, क्योंकि कांग्रेस और बीजेपी की पकड़ मजबूत रही है।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि चुनाव से पहले असंतोष बढ़ने पर नए राजनीतिक मंच सामने आते रहते हैं। अगर मार्कंडेय अलग-अलग दलों के नेताओं और प्रभावशाली लोगों को साथ लाने में सफल होते हैं, तो कुछ सीटों पर चुनावी समीकरण बदल सकते हैं।
CHANNEL009 Connects India
