नई दिल्ली: इंडोनेशिया के बाली द्वीप में हुए ज्वालामुखी विस्फोट ने अंतरराष्ट्रीय हवाई उड़ानों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में एयर इंडिया की दिल्ली-बाली फ्लाइट AI2145 को बीच रास्ते से नई दिल्ली लौटना पड़ा, क्योंकि बाली एयरपोर्ट के समीप ज्वालामुखीय गतिविधि ने उड़ान सुरक्षा को जोखिम में डाल दिया।
🚨 एहतियातन बदला गया रूट
एयर इंडिया की ओर से जारी बयान में बताया गया कि 18 जून को रवाना हुई फ्लाइट को ज्वालामुखी विस्फोट की चेतावनी के चलते सावधानीपूर्वक वापस लौटने का निर्णय लिया गया। “यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए फ्लाइट को दिल्ली लौटने की सलाह दी गई थी,” एयरलाइन प्रवक्ता ने कहा।
✅ सुरक्षित लैंडिंग और यात्रियों की सुविधा
फ्लाइट ने दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की और सभी यात्रियों को विमान से उतार दिया गया। एयर इंडिया ने यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए कई व्यवस्थाएं की हैं:
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यात्रियों को होटल में ठहरने की सुविधा दी गई है।
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चाहें तो यात्री अपनी टिकट को बिना शुल्क के दोबारा बुक कर सकते हैं।
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यदि कोई यात्रा रद्द करना चाहे, तो पूर्ण रिफंड दिया जा रहा है।
🌋 बाली एयरस्पेस में खतरा
इंडोनेशिया का बाली द्वीप ज्वालामुखी गतिविधियों के लिए जाना जाता है। बाली एयरपोर्ट के पास हाल ही में हुई ज्वालामुखी राख की उड़ान ने हवाई यातायात को प्रभावित किया है। ऐसी राख विमान इंजनों और सिस्टम के लिए गंभीर खतरा मानी जाती है, इसलिए एयरलाइंस आमतौर पर इस स्थिति में उड़ानें रद्द या डायवर्ट कर देती हैं।
🔚 निष्कर्ष:
एयर इंडिया द्वारा लिया गया यह कदम यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। यह घटनाक्रम हमें यह भी याद दिलाता है कि प्राकृतिक आपदाएं आज भी अत्याधुनिक हवाई यात्रा को बाधित कर सकती हैं।
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