22 मई से 15 जुलाई तक होगा सर्वे
नगर निगम ने 14 साल बाद शहर की 35 हजार मकान और दुकानों की नपाई (सर्वे) का काम शुरू किया है। यह सर्वे 22 मई से शुरू हुआ है और 15 जुलाई तक चलेगा। इस सर्वे से संपत्ति कर की वसूली 6 करोड़ से बढ़कर 12 करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद है।
सर्वे से क्या होगा फायदा?
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हर संपत्ति की सटीक नपाई होगी।
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यह देखा जाएगा कि निर्माण नियमों का पालन हुआ है या नहीं।
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अवैध निर्माण की पहचान हो सकेगी।
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संपत्तियों की सीमा और आकार को सही तरीके से रिकॉर्ड किया जाएगा।
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टैक्स वसूली में बढ़ोतरी होगी।
क्यों जरूरी है यह सर्वे?
नगर पालिका अधिनियम 1956 के अनुसार, हर 5 साल में एक बार सर्वे जरूरी होता है। लेकिन पिछले 14 सालों से यह काम नहीं हुआ था।
अब नई सरकार बनने के बाद इस सर्वे को दोबारा शुरू किया गया है ताकि संपत्ति कर का आंकलन सही से हो और शहर में निर्माण नियमों का पालन हो।
ड्रोन से होगी फोटोग्राफी
नक्शा कार्यक्रम के तहत ड्रोन से फोटोग्राफी की जा रही है।
छत्तीसगढ़ में 3 शहरों को इस योजना में शामिल किया गया है, जिसमें जगदलपुर भी है।
2011 में हुआ था आखिरी सर्वे
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2011 में आखिरी बार सर्वे हुआ था, तब शहर में 27128 मकान और दुकानें थीं।
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इससे निगम को करीब 6 करोड़ की टैक्स वसूली होती थी।
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अब तक करीब 6000 संपत्तियों की नपाई पूरी हो चुकी है।
जनता से अपील
महापौर संजय पांडेय और राजस्व सभापति संग्राम सिंह राणा ने जनता से अपील की है कि वे इस सर्वे में सहयोग करें।
नगर निगम की टीम जब आपके घर या दुकान की नपाई के लिए आए तो उन्हें जरूरी जानकारी और सहयोग दें।
निष्कर्ष:
यह सर्वे शहर की सही जानकारी, नियमों का पालन और आय बढ़ाने के लिए जरूरी है। इससे शहर की योजना और विकास में भी मदद मिलेगी।
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