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छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में वार्षिक परीक्षा से पहले शिक्षकों की ट्रेनिंग कराने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पंडरिया ब्लॉक में आयोजित पांच दिन की शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला पर टीचर्स एसोसिएशन ने आपत्ति जताई है और इसे स्थगित करने की मांग की है।
परीक्षा के समय आयोजित हो रहा प्रशिक्षण
टीचर्स एसोसिएशन का कहना है कि शिक्षक प्रशिक्षण से उन्हें कोई समस्या नहीं है, लेकिन उसके समय को लेकर गंभीर सवाल हैं। लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर के कार्यक्रम के अनुसार 17 मार्च से कक्षा 8वीं की वार्षिक परीक्षा शुरू हो रही है। ऐसे समय में छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए शिक्षकों की जरूरत होती है।
जानकारी के अनुसार पंडरिया विकासखंड में सामाजिक विज्ञान और विज्ञान विषय के 111 शिक्षकों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण 5 मार्च से 9 मार्च तक आयोजित किया गया है।
छात्रों की तैयारी प्रभावित होने की आशंका
टीचर्स एसोसिएशन का कहना है कि परीक्षा से ठीक पहले इस तरह का प्रशिक्षण छात्रों की पढ़ाई और उनकी परीक्षा की तैयारी को प्रभावित कर सकता है। जिलाध्यक्ष डॉ. रमेश कुमार चंद्रवंशी ने सवाल उठाया कि प्रशिक्षण सत्र के आखिरी समय में ही क्यों कराया जा रहा है।
जुलाई से जनवरी का समय बताया बेहतर
संगठन का कहना है कि शिक्षा सत्र 16 जून से शुरू होता है। ऐसे में जुलाई से जनवरी के बीच का समय शिक्षक प्रशिक्षण के लिए अधिक उपयुक्त माना जाता है। इससे पढ़ाई और परीक्षा व्यवस्था दोनों प्रभावित नहीं होतीं।
छात्रों को मार्गदर्शन मिलने में होगी परेशानी
वार्षिक परीक्षा छात्रों के लिए पूरे साल की पढ़ाई का मूल्यांकन करने का महत्वपूर्ण समय होता है। इस दौरान शिक्षक छात्रों की शंकाएं दूर करते हैं और उन्हें परीक्षा की तैयारी में मदद करते हैं। लेकिन अगर शिक्षक प्रशिक्षण में व्यस्त रहेंगे तो छात्रों को सही मार्गदर्शन नहीं मिल पाएगा।
टीचर्स एसोसिएशन का मानना है कि इससे छात्रों के परिणामों पर भी असर पड़ सकता है, इसलिए परीक्षा के समय प्रशिक्षण कार्यक्रम को टालना बेहतर होगा।
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