Defense Update:
भारत के पास जहां एक तरफ राफेल, मिराज और सुखोई जैसे अत्याधुनिक फाइटर जेट हैं, वहीं पाकिस्तान को सबसे ज्यादा डर एक खास चीज से लगता है — ‘थाउजेंड पाउडर’ से। इस खास पाउडर का इस्तेमाल भारत ने पहले भी सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान किया था, और अब एक बार फिर पाकिस्तान को इसी का खौफ सता रहा है।
क्या है ‘थाउजेंड पाउडर’ का रहस्य?
थाउजेंड पाउडर दरअसल एक विस्फोटक मिश्रण है, जिसमें आरडीएक्स, टीएनटी और विशेष केमिकल्स का मेल होता है। इस पाउडर से बम तैयार करने के लिए टंगस्टन और जिंक जैसे मजबूत तत्वों का सहारा लिया जाता है। इस पाउडर से बना बम लगभग 500 से 1000 किलो वजनी होता है और इसे भारतीय वायुसेना विशेष अभियानों में उपयोग करती है।
कितना घातक है यह बम?
थाउजेंड पाउडर से बने बम का प्रभाव इतना भीषण होता है कि गिरने के बाद 2-3 किलोमीटर तक का इलाका पूरी तरह तबाह हो जाता है। पिछली सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान, इस बम से पाकिस्तान में लगभग 300 आतंकियों का सफाया किया गया था। एक गणना के अनुसार, एक आतंकी को मारने के लिए करीब 3 किलो थाउजेंड पाउडर का इस्तेमाल हुआ था।
क्यों सहमा है पाकिस्तान?
पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान ने आतंकियों को पीओके से पीछे हटने के आदेश दिए हैं और सरकारी अधिकारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी हैं।
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की तैयारी में है और सर्जिकल स्ट्राइक की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
बड़ी तस्वीर
भारत एक बार फिर स्पष्ट संदेश दे रहा है कि सीमापार आतंक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। थाउजेंड पाउडर जैसे घातक हथियारों की मौजूदगी पाकिस्तान के डर को और गहरा कर रही है।
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