Breaking News

218–219 दिन की देरी पर हाईकोर्ट सख्त, पीडब्ल्यूडी की दोनों अपीलें खारिज

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भूमि अधिग्रहण से जुड़े दो मामलों में लोक निर्माण विभाग (राष्ट्रीय राजमार्ग) को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने 218 और 219 दिन की देरी से दायर की गई दो मध्यस्थता अपीलों में देरी माफ करने से इनकार कर दिया और दोनों अपीलों को खारिज कर दिया। इन मामलों की सुनवाई न्यायमूर्ति बिभु दत्त गुरु ने की।


क्या है मामला?

दोनों मामले राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 200 (अब 49) के चौड़ीकरण के लिए जमीन अधिग्रहण से जुड़े हैं।
16 अप्रैल 2018 को जमीन का मुआवजा तय किया गया था।

मुआवजे से असंतुष्ट होकर जमीन मालिकों ने कानून के तहत मुआवजा बढ़ाने की मांग की।
21 फरवरी 2023 को मध्यस्थ ने खुद नया मुआवजा तय करने की बजाय मामला दोबारा सक्षम अधिकारी के पास भेज दिया।


जिला अदालत में भी हार

पीडब्ल्यूडी ने मध्यस्थ के आदेश को जिला अदालत में चुनौती दी।
27 सितंबर 2024 को जिला अदालत ने विभाग की याचिका खारिज कर दी।

इसके बाद विभाग ने हाईकोर्ट में अपील की, लेकिन यह अपील 218 और 219 दिन की देरी से दायर की गई थी। देरी माफ करने के लिए अलग से आवेदन भी दिया गया।


हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

हाईकोर्ट ने कहा:

  • केवल प्रशासनिक या फाइल संबंधी कारण देरी माफ करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।

  • 218 और 219 दिन की देरी सामान्य नहीं मानी जा सकती।

  • देरी माफी कोई अधिकार नहीं, बल्कि अदालत का विशेष अधिकार है।

  • मध्यस्थता कानून का मकसद मामलों का जल्दी निपटारा करना है।

अदालत ने कहा कि इतनी लंबी देरी सिर्फ असाधारण परिस्थितियों में ही माफ की जा सकती है, जो यहां साबित नहीं हुई।


विभाग ने क्या तर्क दिए?

विभाग ने देरी के पीछे ये कारण बताए:

  • आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के बाद कानूनी सलाह लेने में समय लगा

  • फाइल अधिकारियों की मंजूरी में अटकी रही

  • कार्यपालन अभियंता के रिटायर होने से पद खाली था

  • शीतकालीन अवकाश के कारण देरी हुई

लेकिन अदालत ने इन कारणों को पर्याप्त नहीं माना।


प्रतिवादी पक्ष का विरोध

जमीन मालिकों की ओर से देरी माफ करने का विरोध किया गया। उन्होंने पहले के एक फैसले और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि इतनी लंबी देरी स्वीकार नहीं की जानी चाहिए।


अंत में हाईकोर्ट ने देरी माफी की दोनों अर्जियां खारिज कर दीं, जिससे दोनों मध्यस्थता अपीलें भी स्वतः निरस्त हो गईं।

About admin

Check Also

पटना हाई कोर्ट का बड़ा कदम: विधानसभा स्पीकर प्रेम कुमार सहित 42 विधायकों को नोटिस

पटना हाई कोर्ट ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार समेत 42 विधायकों को नोटिस जारी …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Channel 009
help Chat?