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कांकेर (छत्तीसगढ़):
कांकेर पुलिस ने एक बड़े ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो नौकरी करने वाले लोगों को लोन दिलाने के नाम पर 3.72 करोड़ रुपये की ठगी कर चुका था। इस गिरोह ने 28 लोगों को अपना शिकार बनाया। पुलिस की साइबर टीम ने कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक महिला भी शामिल है।
ऐसे करते थे ठगी
गिरोह के सदस्य लोगों को यह कहकर फंसाते थे कि वे बिना बैंक गए, घर बैठे लोन दिलवा देंगे। वे पैन कार्ड, आधार कार्ड, सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट, फॉर्म-16 आदि दस्तावेज लेकर लोगों के नाम पर लोन सैंक्शन करवा देते थे।
इसके बाद लोन की 50% राशि खुद रख लेते थे और कहते थे कि ईएमआई कंपनी देगी। इस तरह लोगों को भरोसे में लेकर 3.72 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई।
गिरोह के सदस्य और कंपनी
गिरफ्तार किए गए आरोपी हैं:
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अभय कुमार गुप्ता (सरगुजा)
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मनोज कुमार भगत (अंबिकापुर)
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रागीच हुसैन उर्फ वासु (लखनपुर)
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सुरेंद्र सिंह कड़ियाम (सूरजपुर)
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नेक राम सिन्हा (कांकेर)
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विभा वर्मा (रायपुर)
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पूजा यादव (बेमेतरा)
इन सभी का संबंध आर.वी. कंपनी अंबिकापुर और स्पर्श एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड रायपुर से था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ठगे गए पैसों को उन्होंने शेयर बाजार, क्रिप्टोकरेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश किया। करीब 1.5 करोड़ रुपये लेकर कुछ आरोपी फरार हैं।
बैंक और फाइनेंस कंपनियों की भी जांच
इन आरोपियों ने एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, एक्सिस, बंधन, कोटक, येस, आईडीएफसी और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बैंकों और बजाज फाइनेंस, आदित्य बिड़ला, चोला मंडलम जैसी प्राइवेट कंपनियों से लोन दिलाने के लिए टाईअप किया था। पुलिस अब इन बैंकों और फाइनेंस कंपनियों के मैनेजर्स और फील्ड ऑफिसर्स की भूमिका की भी जांच कर रही है।
कार्रवाई जारी
पुलिस ने आरोपियों के बैंक अकाउंट सीज कर दिए हैं और संबंधित कंपनियों के दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। अन्य 6 आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि इस तरह की ठगी दोबारा न हो सके।
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