महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) के नेता अंबादास दानवे ने उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे के संबंधों पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह फैसला केवल उद्धव और राज ठाकरे ही कर सकते हैं कि उन्हें आपस में हाथ मिलाना चाहिए या नहीं।
दानवे ने कहा कि राज ठाकरे का राजनीतिक रुख अब भी अस्पष्ट है। लोगों को यह समझ नहीं आ रहा कि राज ठाकरे राज्य सरकार के साथ हैं या उनके खिलाफ। मनसे प्रमुख राज ठाकरे का रुख चुनावी परिणामों में हर बार बदलता है।
पत्रकारों से बात करते हुए दानवे ने कहा, “हर चुनाव के बाद इस बात की चर्चा होती है कि ठाकरे भाइयों को एक साथ आना चाहिए, लेकिन यह उनका निजी फैसला है, इसमें हमारा कोई रोल नहीं है।”
राज ठाकरे ने पिछले चुनावों में महायुति के खिलाफ उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन मुख्यमंत्री पद के लिए देवेंद्र फडणवीस का समर्थन किया, जिससे उनके रुख को लेकर भ्रम बना हुआ है।
गौरतलब है कि राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के बीच मतभेद 2006 से पहले से चले आ रहे हैं, जिसके कारण राज ठाकरे ने शिवसेना छोड़कर मनसे का गठन किया था। हाल ही में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे को हार का सामना करना पड़ा था।
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