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जयपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए 135 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्ति को अटैच किया है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत अब तक कुल 2075 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति अटैच की है। यह कार्रवाई 14 हजार करोड़ रुपए के आदर्श क्रेडिट घोटाले से जुड़ी है।
घोटाले का मामला और जांच के खुलासे
मुख्य आरोपी मुकेश मोदी और राहुल मोदी ने निवेशकों को ऊंचे रिटर्न का लालच देकर हजारों करोड़ रुपए जुटाए। जांच में सामने आया कि इन फंड्स का उपयोग असुरक्षित ऋण देने, प्रोत्साहन राशि, पारिवारिक फर्म को कमीशन, और घाटे वाले शेयर ट्रेडिंग व रियल एस्टेट जैसे कारोबारों में किया गया। इसके अलावा, मुकेश मोदी और उनके परिवार को भुगतान के नाम पर पैसे डायवर्ट किए गए।
जेल में बंद मुख्य आरोपी
मुख्य आरोपी मुकेश मोदी पहले से जयपुर जेल में हैं। उन्हें पिछले साल जोधपुर भी प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया था।
आदर्श क्रेडिट का इतिहास और निवेशकों की परेशानी
- आदर्श क्रेडिट सोसाइटी की स्थापना 1999 में हुई थी।
- देशभर के 28 राज्यों में इसकी 806 ब्रांच थीं, जिनमें से 309 ब्रांच राजस्थान में थीं।
- इस घोटाले में 21 लाख निवेशक ठगे गए।
- सांसद लुम्बाराम चौधरी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर निवेशकों की अटकी हुई राशि लौटाने की अपील की है।
ईडी की यह कार्रवाई निवेशकों को राहत प्रदान करने और घोटाले के दोषियों को सजा दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है।
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