सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को जमानत देने के शर्तों को तय किया है। कोर्ट ने कहा कि अगर वह जमानत मिलती है, तो वह सरकारी काम में दखल नहीं दे सकते। यह मतलब है कि वे अपने आधिकारिक कार्य नहीं कर सकेंगे। कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसा होने से हितों का टकराव हो सकता है और यह कोर्ट नहीं चाहती।
वकीलों की दलीलें और सुप्रीम कोर्ट के टिप्पणियाँ
कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल किसी आदतन अपराधी नहीं हैं। यह एक अभूतपूर्व परिस्थिति है, क्योंकि वे दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं और लोकसभा चुनाव चल रहे हैं। कोर्ट ने जमानत के साथ यह शर्त रखी है कि केजरीवाल सरकारी काम में दखल नहीं देंगे।
ED की दलीलें और कोर्ट के सवाल
ED ने कहा कि केजरीवाल ने उनके साथ सहयोग नहीं किया और उन्हें नोटिसों का जवाब नहीं दिया। कोर्ट ने इस पर पूछा कि उन्होंने क्यों नजर अंदाज किया और गिरफ्तारी के समयिकता पर सवाल उठाया।
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय और केजरीवाल की पक्ष
सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को जमानत देने का निर्णय लिया है, लेकिन उन्हें सरकारी काम में दखल नहीं देने की शर्त रखी है। केजरीवाल ने इसे मान लिया है और शर्त को स्वीकार किया है।
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