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रायपुर: छत्तीसगढ़ में साइबर ठगी के शिकार लोगों के करोड़ों रुपये बैंकों में होल्ड हैं। पुलिस ने ठगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन पीड़ितों को उनकी रकम वापस नहीं मिल रही।
एक साल में 10 करोड़ रुपये होल्ड
- रायपुर पुलिस ने 2024 में अलग-अलग साइबर ठगी मामलों में 10 करोड़ रुपये से ज्यादा होल्ड कराए।
- इनमें से केवल 10 लाख रुपये (एक मामले में) और 19.13 लाख रुपये (49 मामलों में) ही लौटाए जा सके।
- बाकी रकम अब भी बैंकों में अटकी हुई है।
पीड़ितों को क्यों नहीं मिल रहा पैसा?
- ठगी का पैसा बैंक से वापस लेने के लिए कोर्ट से आदेश लेना जरूरी होता है।
- पीड़ितों को कोर्ट में आवेदन देना पड़ता है, फिर सुनवाई के बाद बैंक होल्ड राशि वापस करता है।
- फैसले आने में बहुत समय लग रहा है, जिससे पीड़ितों को राहत नहीं मिल पा रही।
समस्या का समाधान नहीं हो पाया
- पुलिस ने दो साल पहले राशि वापस कराने के लिए विशेष पहल का दावा किया था, लेकिन अब तक कोई ठोस हल नहीं निकला।
- पीड़ितों को थानों और बड़े अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
14 हजार से ज्यादा साइबर ठगी के मामले
- रायपुर में 2023 में 14,832 साइबर ठगी के मामले दर्ज हुए।
- इनमें से 7,416 मामले साइबर सेल और थानों में और इतने ही एनसीसीआर पोर्टल पर दर्ज हुए।
- ज्यादातर मामलों में आरोपी अब तक पकड़े नहीं जा सके।
निष्कर्ष: पुलिस ठगों को पकड़ तो रही है, लेकिन पीड़ितों को उनकी रकम वापस दिलाने की प्रक्रिया बहुत धीमी है। जरूरत है कि न्यायालय और बैंक मिलकर इस समस्या का जल्द समाधान निकालें, ताकि लोगों को उनका पैसा वापस मिल सके।
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