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बीजापुर (CG News) – मनरेगा कर्मचारियों ने अपनी सेवा सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने सरकार से संवेदनशीलता के साथ उनकी मांगों पर विचार करने की अपील की है।
10 साल से अधिक सेवा के बाद भी नहीं मिली नीति
📌 मनरेगा कर्मी 10 साल से अधिक समय से काम कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी नीति नहीं बनी।
📌 न तो मानव संसाधन नीति बनाई गई और न ही नियमितीकरण हुआ।
📌 जबकि राजस्थान में 9 साल सेवा पूरी करने वाले मनरेगा कर्मियों को स्थायी किया गया है।
📌 मध्यप्रदेश, उड़ीसा, हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में मनरेगा कर्मियों के लिए बेहतर वेतन और सुविधाएं दी जा रही हैं।
सरकार से क्या अपील की गई?
मनरेगा कर्मियों ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और पंचायत मंत्री को पत्र लिखकर अपनी स्थिति बताई है और उनकी सेवा सुरक्षा पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने की अपील की है।
संघ के जिला अध्यक्ष महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि हड़ताल के पहले दिन कर्मचारियों ने “मन की पाती” लिखकर अपनी समस्याएं सरकार तक पहुंचाई हैं। अब देखना यह होगा कि सरकार उनकी मांगों पर क्या कदम उठाती है।
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