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एमपी पुलिस अब नहीं करेगी इन 8 शब्दों का इस्तेमाल

भोपाल।
एमपी पुलिस लंबे समय से उर्दू और फारसी के शब्दों का इस्तेमाल कर रही थी, लेकिन अब इन शब्दों के उपयोग पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। हालांकि, कई पुलिस अधिकारी अब भी पुराने शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं, जबकि पीएचक्यू (पुलिस मुख्यालय) ने पहले ही 675 शब्दों को हटाकर उनका हिंदी अनुवाद तैयार करवाया था।

कौन-कौन से शब्द बदले गए?

पुलिस दस्तावेजों में अब इन 8 शब्दों का इस्तेमाल नहीं होगा:

पुराना शब्द नया हिंदी शब्द
अलामत हस्ताक्षर
अदमचेक असंज्ञेय
मशरूका जब्त सामान
दीगर दूसरा
अहकाम महत्त्वपूर्ण
फर्द अफराद एक व्यक्ति
रोजनामचा दैनिक पुस्तिका
अदम पैरवी बगैर देखरेख

लोगों को होती थी परेशानी

पुलिस कार्रवाई में इस्तेमाल होने वाले शब्द आम जनता के लिए समझना मुश्किल था। मशरूका, दीगर, अलामत जैसे शब्दों के कारण लोगों को अतिरिक्त जानकारी लेनी पड़ती थी। इसलिए पुलिस ने इन शब्दों को बदलने का फैसला लिया।

सख्ती से लागू होंगे नए शब्द

स्पेशल डीजी, सीआईडी पवन श्रीवास्तव के अनुसार, अब इन नए शब्दों का सख्ती से पालन कराया जाएगा ताकि आम जनता को कोई परेशानी न हो।

➡️ अब पुलिस की भाषा होगी सरल और आम जनता के लिए समझने में आसान!

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