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शहर में तापमान 40 डिग्री पार
मौसम में अचानक बदलाव और तापमान के 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल की ओपीडी में फीवर और डायरिया के मरीजों की संख्या 15-20% तक बढ़ी है। मेडिसिन विभाग में रोजाना 250 की बजाय अब 300 से ज्यादा मरीज आ रहे हैं। हर दिन 8-10 मरीजों को भर्ती भी किया जा रहा है।
विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉ. पंकज जैन ने कहा कि हीट स्ट्रोक जैसी स्थिति तो नहीं है, लेकिन डायरिया, बुखार और मौसमी बीमारियों के मामले बढ़े हैं। हाई बीपी और शुगर के मरीजों को खास ध्यान देने की जरूरत है।
सावधानी:
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बासी खाना न खाएं।
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बाहर से आने के बाद तुरंत एसी या कूलर के सामने न बैठें।
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तेज धूप में बाहर जाने से बचें।
ओपीडी में लंबी कतारें
सोमवार को अस्पताल में 1550 से ज्यादा मरीज पहुंचे। मेडिसिन विभाग में ही 300 से ज्यादा मरीजों का इलाज हुआ। ज्यादातर को सामान्य बुखार या डायरिया था। 11 मरीजों को तेज बुखार और डायरिया के कारण भर्ती करना पड़ा।
मार्च से अब तक 38 हजार मरीज पहुंचे
पर्ची काउंटर की रिपोर्ट के मुताबिक मार्च महीने में 38 हजार से ज्यादा मरीज ओपीडी में आए। एक अप्रैल से रोजाना 1500 से अधिक मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं।
हड्डी और रीढ़ दर्द के मरीज भी बढ़े
हड्डी रोग विभाग में भी मरीजों की भीड़ दिखी। तापमान में बदलाव के कारण हाथ, पैर और रीढ़ में दर्द की शिकायतें बढ़ गई हैं। सोमवार को हड्डी विभाग में करीब 389 मरीज पहुंचे। कई को भर्ती भी किया गया है।
लू से बचाव के उपाय
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घर के अंदर और छायादार जगहों पर रहें।
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हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें।
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मौसमी फल और सब्जियां जैसे तरबूज, खीरा और संतरा खाएं।
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बाहर जरूरी हो तो सुबह या शाम के समय ही निकलें।
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टोपी, छाता या तौलिया का इस्तेमाल करें।
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नींबू पानी, लस्सी और ओआरएस घोल पीते रहें।
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ठंडे पानी से स्नान करें और कमरों में पर्दे और पंखों का उपयोग करें।
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लू लगने पर ठंडी जगह ले जाएं, शरीर पर ठंडा पानी लगाएं और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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अगर कोई व्यक्ति बेहोश हो जाए या पसीना आना बंद हो जाए तो 108 या 102 पर तुरंत कॉल करें।
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