शहडोल। जिले में 15 मार्च से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की शुरुआत हुई है, लेकिन एक महीने बाद भी खरीदी की रफ्तार बेहद धीमी है। अब तक सिर्फ तीन किसानों ने ही गेहूं बेचा है, जबकि 10,011 किसानों ने खरीदी के लिए पंजीयन कराया है।
खरीदी केंद्रों में सन्नाटा
खरीदी के लिए जिले में 30 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन इनमें से केवल दो केंद्रों पर ही गेहूं की खरीदी हुई है।
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सोहागपुर समिति में दो किसानों से
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दियापीपर समिति में एक किसान से
अब तक कुल 460 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। बाकी सभी केंद्र खाली पड़े हैं।
समर्थन मूल्य और बोनस
सरकार ने इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 2425 रुपए/क्विंटल तय किया है। इसके साथ ही 175 रुपए बोनस भी मिलेगा। यानी कुल 2600 रुपए प्रति क्विंटल किसानों को दिए जाएंगे।
सबसे ज्यादा खेती ब्यौहारी में
जिले में इस साल 17,353.13 हेक्टेयर में गेहूं की बुआई हुई है। सबसे ज्यादा खेती ब्यौहारी क्षेत्र में की गई –
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ब्यौहारी: 7912.08 हेक्टेयर
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सोहागपुर: 4579.39 हेक्टेयर
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जयसिंहनगर: 2573.59 हेक्टेयर
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गोहपारू: 800 हेक्टेयर
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जैतपुर: 583.71 हेक्टेयर
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बुढ़ार: 270 हेक्टेयर
पिछले साल की तुलना में इस बार खेती का रकबा घटा है। बीते वर्ष 66,500 हेक्टेयर में गेहूं बोया गया था।
फसल देर से तैयार और बारिश बनी बाधा
किसानों का कहना है कि शहडोल जिले में गेहूं की फसल देर से पकती है। जैसे ही फसल तैयार हुई, बेमौसम बारिश और तेज आंधी आ गई, जिससे कटाई और गहाई में देरी हुई है। अभी भी लगभग 50% फसल खेतों में खड़ी है।
अधिकारियों की बात
विपिन पटेल, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी ने बताया –
“जिले में गेहूं की खरीदी शुरू हो चुकी है, लेकिन फसल देर से तैयार होने के कारण किसान अभी नहीं आ पाए हैं। जल्द ही खरीदी गति पकड़ेगी।”
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