रैना, मध्य प्रदेश।
अंबेडकर जयंती के मौके पर मुरैना जिले के हिंगोना खुर्द गांव में निकाले गए जुलूस के दौरान डीजे बजाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। यह विवाद इतना बढ़ गया कि फायरिंग शुरू हो गई, जिसमें एक युवक संजय पिप्पल की मौत हो गई, जबकि दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। एक को ग्वालियर और दूसरे को मुरैना अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पूर्व सीएम कमलनाथ का सरकार पर हमला
इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया पर सरकार को घेरते हुए लिखा कि भाजपा के राज में दलित सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि दलित समाज बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती भी शांति से नहीं मना सकता। कमलनाथ ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा की मानसिकता दलित विरोधी है और अत्याचार करने वालों को संरक्षण देती है।
एक और घटना का जिक्र
कमलनाथ ने महू के बेटमा गांव की एक और घटना का जिक्र करते हुए बताया कि वहीं एक दलित दूल्हे की बारात को मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार संविधान की भावना के विपरीत काम कर रही है और दलितों को दबाना चाहती है।
क्या हुआ था मुरैना में?
घटना मुरैना के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के जगमोहन का पुरा गांव की है। डीजे बजाने को लेकर दो पक्षों में झगड़ा हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प और फायरिंग में बदल गया। इस गोलीबारी में एक युवक की जान चली गई और दो गंभीर रूप से घायल हुए।
यह मामला अब प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।
CHANNEL009 Connects India
