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क्या हुआ मामला?
कोटपूतली-बहरोड़ जिले में मंगलवार को मुख्य सचिव पंत के दौरे के दौरान कई संगठन और लोग अपनी-अपनी समस्याओं को लेकर उनसे मिलने और ज्ञापन देने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। लेकिन जब उन्हें मुख्य सचिव से मिलने नहीं दिया गया और पता चला कि वे बिना मुलाकात किए ही चले गए, तो लोग नाराज़ हो गए।
गुस्साए लोगों ने किया विरोध
लोगों ने जिला प्रशासन पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर विरोध प्रदर्शन किया और दो घंटे तक गेट पर ताला जड़ दिया। इससे कलेक्टर कल्पना अग्रवाल और एसपी राजन दुष्यंत समेत कई अधिकारी अंदर ही फंसे रह गए।
प्रदर्शनकारियों को दी गई समझाइश
काफी देर बाद कलेक्टर और एसपी ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर मामला शांत कराया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगे से इस तरह की स्थिति नहीं बनने दी जाएगी और लोगों की समस्याएं सुनी जाएंगी और उन पर कार्रवाई भी होगी।
क्या था लोगों की शिकायत?
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे मुख्य सचिव से सीधे मिलकर अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन उन्हें बिना किसी सूचना के बैठक खत्म होने के बाद भी बैठाए रखा गया। इससे उन्हें लगा कि उन्हें जानबूझकर नहीं मिलवाया गया।
कलेक्टर ने जताया खेद
कलेक्टर कल्पना अग्रवाल ने कहा कि संवाद की कमी की वजह से मुलाकात नहीं हो सकी, लेकिन उनकी समस्याएं पहले से ही मुख्य सचिव की बैठक के एजेंडे में शामिल थीं।
किन-किन मुद्दों पर लोग ज्ञापन देने पहुंचे थे?
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वकील संघ ने DJ कोर्ट की मांग को लेकर
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ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश चंद सैनी और अन्य नेताओं ने परिसीमन पर आपत्ति दर्ज कराने
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ग्रामीणों ने चंद्रशेखर शर्मा और दिलीप यादव के नेतृत्व में ट्रीटमेंट प्लांट का विरोध जताने
इन सभी लोगों को प्रशासन द्वारा एक कमरे में बैठाया गया, लेकिन उनकी मुख्य सचिव से सीधी मुलाकात नहीं हो सकी, जिससे नाराज़गी और विरोध हुआ।
निष्कर्ष
लोगों की उम्मीदें और प्रशासन के बीच संवाद की कमी की वजह से ये घटना हुई। हालांकि बाद में कलेक्टर और एसपी की समझाइश से मामला शांत हो गया। भविष्य में प्रशासन को इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए स्पष्ट और समय पर संवाद बनाए रखना होगा।
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