येरुशलम/सना — इजरायली वायुसेना ने यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर जबरदस्त हवाई कार्रवाई की है। यह हमला तेल अवीव हवाई अड्डे को निशाना बनाकर किए गए मिसाइल हमले के जवाब में किया गया है। इजरायल रक्षा बल (IDF) के इस सैन्य अभियान को अब तक का सबसे शक्तिशाली प्रतिशोध बताया जा रहा है।
हूदेदा बना निशाना, आसमान तक उठीं लपटें
इजरायली सेना ने बताया कि हमला यमन के रणनीतिक रूप से अहम होदेदा बंदरगाह और इसके आसपास के इलाकों पर केंद्रित था। एक ही समय में कई फाइटर जेट्स ने दर्जनों बम गिराए, जिससे भारी तबाही मची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बम धमाकों की आवाज सैकड़ों किलोमीटर दूर तक सुनी गई और आग की भयावह लपटें आसमान तक उठती देखी गईं।
हूतियों ने की पुष्टि, कई ठिकाने तबाह
हूती विद्रोहियों के मीडिया विंग ने पुष्टि की कि सोमवार दोपहर अमेरिका और इजरायल द्वारा होदेदा प्रांत में छह बड़े हमले किए गए, जिनमें बाजिल जिले की एक सीमेंट फैक्ट्री भी शामिल थी। हालांकि, अब तक मरने वालों की संख्या स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन कई दर्जन हूतियों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है।
इजरायल की चेतावनी – ‘अब कोई रियायत नहीं’
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस ऑपरेशन की स्वयं निगरानी की। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने सेना को निर्देश दिए हैं कि जैसे गाजा में हमास और लेबनान में हिजबुल्लाह को निशाना बनाया गया, वैसे ही यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ भी निर्णायक कार्रवाई की जाए।
तनाव का नया मोर्चा
मध्य-पूर्व में पहले से चल रहे इजरायल-गाजा और इजरायल-हिजबुल्लाह संघर्षों के बीच यमन एक नया मोर्चा बनकर उभरा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संघर्ष बढ़ता है तो यह क्षेत्रीय अस्थिरता को और गहरा कर सकता है।
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