लाहौर: भारत-पाक संघर्ष में हुए भारी नुकसान को लेकर पाकिस्तान एक बार फिर असली तस्वीर छिपाने की कोशिश करता दिख रहा है। हालांकि, पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज के हालिया अस्पताल दौरे ने पाकिस्तान के इस दावे की सच्चाई सामने ला दी। उन्होंने उन सैनिकों से मुलाकात की जो हाल ही में भारत के जवाबी सैन्य कार्रवाई में घायल हुए थे।
घायल सैनिकों से मुलाकात, आंकड़ों पर उठे सवाल
मरियम नवाज ने लाहौर के कंबाइंड मिलिट्री हॉस्पिटल (CMH) में भर्ती उन सैनिकों का हालचाल लिया जो भारत के ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के दौरान जख्मी हुए। अभी तक पाकिस्तान सरकार ने इस संघर्ष में मारे गए या घायल जवानों के आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए, लेकिन मरियम की यह यात्रा खुद ही पाकिस्तान की छिपाई गई सच्चाई को उजागर कर गई। इससे पहले, जनरल आसिम मुनीर भी इन्हीं सैनिकों से मिलने CMH पहुंचे थे।
झूठ के बीच ‘जश्न’ की तैयारी
जहां एक ओर पाक सेना और सरकार घायलों की जानकारी छिपा रही है, वहीं दूसरी ओर देश में जश्न का माहौल बनाकर आम जनता को गुमराह किया जा रहा है। मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद से जुड़ी प्रतिबंधित संस्था पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (PMML) ने लाहौर के लिबर्टी चौक पर ‘विजय मार्च’ निकाला।
रैली में शामिल नेता आदिल खालिक और मुजम्मिल इकबाल ने भारत के खिलाफ झूठी विजय गाथा गाई, जबकि असल में पाकिस्तान को इस संघर्ष में भारी नुकसान उठाना पड़ा।
भारत के जवाबी हमले में बड़ा नुकसान
भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया, जिसमें पाकिस्तान के कई आतंकी अड्डे नष्ट किए गए। पाकिस्तान ने बदले में 8 से 10 मई के बीच भारत पर हमले की कोशिश की, लेकिन भारतीय सैन्य जवाबी कार्रवाई में उसे बड़ा झटका लगा।
लगातार चार दिनों तक चले ड्रोन और मिसाइल हमलों में पाकिस्तान को गंभीर सैन्य और सामरिक क्षति हुई। इसके बाद पाकिस्तान ने संघर्षविराम की अपील की और दोनों देशों के DGMO के बीच बातचीत के बाद युद्धविराम लागू किया गया।
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