हंट्सविल (टेक्सास): अमेरिका के टेक्सास राज्य में एक दिल दहला देने वाले मामले में दोषी पाए गए व्यक्ति को मंगलवार शाम मृत्यु दंड दिया गया। उसे वर्ष 2012 में एक वरिष्ठ महिला को जिंदा जलाने के अपराध में जानलेवा इंजेक्शन देकर सजा दी गई।
49 वर्षीय मैथ्यू ली जॉनसन को टेक्सास के हंट्सविल जेल में शाम 6:53 बजे घातक इंजेक्शन देकर मृत घोषित किया गया। यह फैसला उस मामले में सुनाया गया जिसमें उसने 20 मई 2012 को डलास के उपनगर गारलैंड में एक दुकान पर डकैती के दौरान 76 वर्षीय नैन्सी हैरिस पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर उन्हें आग के हवाले कर दिया था।
घटना का विवरण:
अदालती दस्तावेजों के अनुसार, जॉनसन उस समय दुकान में घुसा जब हैरिस काम पर थीं। उसने पैसों की मांग करते हुए उनके सिर पर ज्वलनशील पदार्थ डाल दिया और पैसे छीनने के बाद उन्हें आग लगा दी। हैरिस आग में झुलसती हुई दुकान से बाहर भागीं और मदद के लिए चिल्लाईं। मौके पर पहुंचे एक पुलिस अधिकारी ने अग्निशामक यंत्र की मदद से आग बुझाई। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां कुछ दिनों बाद उनकी मौत हो गई।
अंतिम वक्तव्य और माफी:
सजा से ठीक पहले, जेल अधिकारियों द्वारा अंतिम वक्तव्य पूछे जाने पर जॉनसन ने पीड़िता के परिजनों की ओर देखा और कहा, “मुझे खेद है। मेरा इरादा उन्हें चोट पहुँचाने का नहीं था।” अदालत में उसने यह भी स्वीकार किया था कि घटना के वक्त वह नशे में था और उसे अपने कार्यों का पूर्ण अहसास नहीं था।
पीड़िता की विरासत:
नैन्सी हैरिस एक सम्मानित और लंबे समय से सेवा देने वाली कर्मचारी थीं, जिन्होंने उस दुकान में 10 साल से अधिक समय तक काम किया। उनके परिवार में चार बेटे, ग्यारह पोते-पोतियाँ और सात परपोते-पोतियाँ हैं। उनके साथ हुई यह अमानवीय घटना आज भी समुदाय को झकझोर कर रख देती है।
न्याय की प्रतीक्षा हुई पूरी:
करीब 13 साल बाद, इस घटना को न्याय की परिणति मिली है। अभियोजन पक्ष ने इस केस में कहा कि यह अपराध न केवल योजना के तहत किया गया था, बल्कि इसमें मानवता की सभी सीमाएं पार कर दी गई थीं।
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