Breaking News
set light service

सैटेलाइट इंटरनेट लॉन्च से पहले सरकार सतर्क, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए उठाए अहम कदम

नई दिल्ली: भारत में सैटेलाइट-आधारित इंटरनेट सेवाओं की शुरुआत से पहले सरकार ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। विदेशी कंपनियों की संभावित भागीदारी को देखते हुए केंद्र ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा कदम उठाया है। एलन मस्क की Starlink, अमेज़न की Project Kuiper, और OneWeb जैसी ग्लोबल कंपनियां इस सेक्टर में उतरने को तैयार हैं — जिनमें से कुछ में भारतीय कंपनियों की भी साझेदारी है।

900 करोड़ रुपये से अधिक की मॉनिटरिंग फैसिलिटी

सरकार सैटेलाइट संचार प्रणाली पर नजर रखने के लिए एक विशेष निगरानी केंद्र (Monitoring Facility) स्थापित करने जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट पर लगभग 930 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। यह केंद्र देश के भीतर और सीमाओं के पास सक्रिय सभी घरेलू और विदेशी सैटेलाइट ऑपरेशनों पर नजर रखेगा।

इस फैसिलिटी के जरिए सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सर्विसेज की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ-साथ सुरक्षा से जुड़ी किसी भी गतिविधि की निगरानी की जा सकेगी। यह सिस्टम स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय संचार लिंक दोनों को ट्रैक करने में सक्षम होगा।

नई नीतियां और नियम लागू होंगे

सूत्रों के मुताबिक, इस कदम को डिजिटल कम्युनिकेशन कमीशन (DCC) की देखरेख में लागू किया जाएगा, जिसमें कई मंत्रालयों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके लिए नई दूरसंचार नीति में भी विशेष प्रावधान जोड़े जा रहे हैं, जिससे आने वाले पांच वर्षों के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया जा सके।

सख्त हुए सैटेलाइट सेवा के नियम

दूरसंचार विभाग (DoT) ने सैटेलाइट सेवा प्रदाताओं के लिए नियमों को और कठोर कर दिया है। अब कंपनियों को 30 से अधिक नए अनुपालनों (compliances) का पालन करना होगा। यह कदम यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी सेवा प्रदाता भारत की सुरक्षा नीति के विरुद्ध काम न करे।

किसे मिलेगा भारत में सेवा का अधिकार?

नई नीति के तहत सरकार यह अधिकार सुरक्षित रखेगी कि कौन से देश की कंपनियों को भारत में गेटवे (Gateway Access) दिया जाएगा। यानी हर विदेशी सेवा प्रदाता को भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की हरी झंडी के बाद ही भारत में ऑपरेशन की अनुमति मिलेगी।

सैटकॉम में भारत की भूमिका होगी मजबूत

सरकार का लक्ष्य भारत को सैटेलाइट संचार (Satcom) के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है। इसके तहत देश के भीतर नवाचार को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित किया जाएगा और नियामक ढांचे को सरल किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक कंपनियां इस क्षेत्र में प्रवेश कर सकें।


निष्कर्ष:

भारत में सैटेलाइट इंटरनेट की शुरुआत से पहले सरकार पूरी तरह से सतर्क हो गई है। इस क्षेत्र में संभावनाएं अपार हैं, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है। इसी को ध्यान में रखते हुए निगरानी, नियंत्रण और नियमों का ऐसा ढांचा तैयार किया जा रहा है, जो देश को डिजिटल संप्रभुता के साथ वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे ले जा सके।

About Chandni Khan

Check Also

निशांत कुमार के काफिले में दिखीं 13 गाड़ियां, बिहार के स्वास्थ्य मंत्री ने वाहन कम करने से किया इनकार!

बिहार में मंत्री के काफिले पर सियासत तेज, निशांत कुमार के काफिले में दिखीं 13 …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Channel 009
help Chat?