वाशिंगटन/न्यूयॉर्क: भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक रिश्तों को और मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने अमेरिका के उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडाउ से महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक साझेदारी और तकनीकी सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री मोदी के दौरे का फॉलो-अप है यह यात्रा
विक्रम मिसरी का यह अमेरिका दौरा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया यात्रा के अनुवर्ती प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। इस दौरान मिसरी और लैंडाउ ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने पर सहमति जताई।
प्राथमिकताएं: तकनीक, व्यापार और प्रतिभा
वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर साझा करते हुए कहा कि यह मिसरी और लैंडाउ के बीच पहली आधिकारिक बैठक थी। इस मुलाकात में दोनों ने स्वीकार किया कि आने वाले दशकों में तकनीक, व्यापार और मानव संसाधन के क्षेत्र में सहयोग भारत-अमेरिका साझेदारी की रीढ़ बनेगा।
संयुक्त प्रतिबद्धता: वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूती
बैठक में दोनों पक्षों ने भारत-अमेरिका वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और अधिक सशक्त बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में दोनों देशों का सहयोग नवाचार, सुरक्षा और समृद्धि के नए अवसर उत्पन्न करेगा।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय का बयान
अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने बैठक की पुष्टि करते हुए कहा कि भारत और अमेरिका के बीच की यह साझेदारी 21वीं सदी की अमेरिकी विदेश नीति का एक अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि लैंडाउ और मिसरी ने न केवल क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा की बल्कि निष्पक्ष व्यापार, प्रवासन नीति और ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई में सहयोग को भी अहम माना।
निष्कर्ष: बढ़ते सहयोग की दिशा में मजबूत कदम
इस मुलाकात को भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते रणनीतिक सहयोग की दिशा में एक ठोस कदम के रूप में देखा जा रहा है। दोनों देशों के नेताओं की यह बैठक स्पष्ट संकेत देती है कि भारत-अमेरिका संबंध आने वाले समय में और गहराते नजर आएंगे।
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