इस्लामाबाद: पाकिस्तान की सरज़मीं एक बार फिर ज़ोरदार झटकों से कांप उठी। गुरुवार सुबह आए 4.4 तीव्रता के भूकंप ने कई शहरों में अफरा-तफरी मचा दी। रिक्टर स्केल पर मध्यम दर्जे के इस भूकंप का केंद्र भूमि की सतह से 10 किलोमीटर नीचे बताया जा रहा है।
घबराए लोग, मस्जिदों और घरों से बाहर निकले
झटके इतने तीव्र थे कि लोग दहशत में आकर अपने घरों, दुकानों और कार्यालयों से बाहर निकलकर खुले इलाकों की ओर भागने लगे। कई स्थानों पर भूकंप का असर उस समय महसूस किया गया जब लोग नमाज़ अदा कर रहे थे। अचानक ज़मीन हिलने से लोग मस्जिदों से बाहर निकलकर सड़कों और मैदानों में जमा हो गए।
हालांकि किसी प्रकार की जान-माल की क्षति की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है, लेकिन भय और अनिश्चितता की स्थिति साफ देखी गई।
लगातार आ रही हैं भूकंप की घटनाएं
बीते कुछ हफ्तों से पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान जैसे इलाकों में भूकंप की गतिविधियाँ लगातार बढ़ती दिख रही हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि पाकिस्तान भूगर्भीय रूप से एक सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र में आता है, जहाँ भारतीय और यूरेशियन टेक्टॉनिक प्लेटें आपस में टकरा रही हैं। यही टकराव समय-समय पर ज़मीन को हिलाता रहता है।
भविष्य को लेकर चिंता बढ़ी
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस तरह की भूकंपीय हलचलें जारी रहीं, तो भविष्य में बड़े भूकंप की आशंका को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। इसके चलते लोगों को आपदा प्रबंधन और बचाव उपायों के प्रति सजग रहने की सलाह दी जा रही है।
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