राजस्थान में आज (24 जनवरी) निजी बस ऑपरेटरों ने एक दिन की राज्यव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल के कारण प्रदेशभर में करीब 40 हजार निजी बसें सड़कों पर नहीं चलेंगी। हालांकि, यात्रियों को थोड़ी राहत देते हुए स्लीपर कोच बसों को हड़ताल से बाहर रखा गया है और वे चलती रहेंगी।
राजस्थान बस संचालक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण साहू के आह्वान पर यह हड़ताल की जा रही है। बस ऑपरेटरों का आरोप है कि परिवहन विभाग उनके साथ भेदभाव कर रहा है और मोटर वाहन अधिनियम के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है।
गलत चालान और सीज कार्रवाई से नाराज ऑपरेटर
संघ के प्रदेश प्रवक्ता जगदीश चंद्र ओझा ने बताया कि परिवहन आयुक्त की ओर से निजी बस संचालकों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कानून में प्रावधान न होने के बावजूद बसों के गलत चालान काटे जा रहे हैं और भारी जुर्माने लगाए जा रहे हैं। साथ ही अधिकारियों पर अवैध लक्ष्य तय किए जा रहे हैं, जिन्हें पूरा न करने पर उनकी आईडी तक बंद कर दी जाती है।
यात्रियों को बीच रास्ते में उतारने का आरोप
बस ऑपरेटरों का कहना है कि चलती बसों से यात्रियों को बीच रास्ते में उतार देना अमानवीय और नियमों के खिलाफ है। इसके अलावा, स्टेज कैरिज बसों में जंगला और सीढ़ी लगे होने के नियम के बावजूद जबरन इन्हें हटवाया जा रहा है। कई मामलों में बसों को सीज कर दिया गया, जिससे ऑपरेटरों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
बस ऑपरेटर सोसायटी राजस्थान के अध्यक्ष कैलाश शर्मा ने कहा कि परिवहन विभाग केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। इसी के विरोध में यह हड़ताल की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस आंदोलन को प्रदेश के सभी बस ऑपरेटर संगठनों का समर्थन है।
बस ऑपरेटरों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। हड़ताल के चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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