दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि रूस के साथ मिलकर यूक्रेन के खिलाफ लड़ाई में उत्तर कोरिया ने अब तक लगभग 5,000 सैनिकों को खो दिया है। इसके अलावा, 2,000 से अधिक घायल सैनिकों को वापस उत्तर कोरिया भेजा गया है। यह जानकारी जनवरी से मार्च 2025 के बीच की बताई गई है।
यह दावा ऐसे समय सामने आया है जब उत्तर कोरिया ने हाल ही में पहली बार स्वीकार किया है कि उसने रूस को यूक्रेन के खिलाफ सैन्य मदद दी है। खास तौर पर कुर्स्क क्षेत्र में फिर से नियंत्रण पाने में उत्तर कोरियाई सैनिकों ने रूस की मदद की।
खुफिया जानकारी का खुलासा
दक्षिण कोरिया की नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस (NIS) ने बंद कमरे में एक संसदीय बैठक के दौरान यह जानकारी दी। इस बैठक में शामिल सांसद ली सेओंग-क्वेउन के अनुसार, रूस-यूक्रेन युद्ध में करीब 4,700 उत्तर कोरियाई सैनिकों की मौत हुई है, और बड़ी संख्या में सैनिक घायल हुए हैं जिन्हें वापस भेजा गया।
NIS ने बताया कि जनवरी में ही लगभग 300 सैनिक मारे गए थे, और करीब 2,700 घायल हुए। मार्च के अंत तक हताहतों की संख्या तेजी से बढ़ी। घायल सैनिकों को या तो हवाई मार्ग से या ट्रेन द्वारा उत्तर कोरिया वापस भेजा गया, जबकि मारे गए सैनिकों का अंतिम संस्कार रूस में किया गया और उनके अवशेष बाद में उत्तर कोरिया भेजे गए।
रूस का साथ बना उत्तर कोरिया पर बोझ
उत्तर कोरिया ने हाल ही में आधिकारिक रूप से यह माना कि उसने अपने सैनिकों को रूस की मदद के लिए भेजा है, ताकि कुर्स्क क्षेत्र में फिर से नियंत्रण पाया जा सके और “यूक्रेनी नव-नाजी ताकतों” के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा सके। वहीं पश्चिमी देशों ने यह आरोप भी लगाया है कि उत्तर कोरिया ने रूस को मिसाइलें भी प्रदान की हैं।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उत्तर कोरिया के इस सहयोग के लिए आभार जताते हुए कहा कि वे उत्तर कोरियाई सैनिकों के बलिदान को कभी नहीं भूलेंगे।
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