इस्लामाबाद:
पाकिस्तान में आतंक फैलाने वाले और भारत के खिलाफ कई साजिशों का हिस्सा रहे जैश-ए-मोहम्मद के वरिष्ठ कमांडर मौलाना अब्दुल अज़ीज़ इसर की मृत्यु हो गई है। वह लंबे समय से भारत-विरोधी गतिविधियों में सक्रिय था और आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का एक प्रमुख रणनीतिकार माना जाता था। उसकी मौत की खबर सामने आने के बाद सुरक्षा हलकों में चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि इसकी परिस्थितियां अब भी स्पष्ट नहीं हैं।
वीडियो फुटेज और दावा
ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस नेटवर्क OsintTV द्वारा साझा की गई एक फुटेज में अब्दुल अज़ीज़ इसर की मौत की पुष्टि की गई है। बताया गया कि उसकी मृत्यु 2 जून को हुई और वह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के भक्कर जिले में स्थित कल्लूर कोट के अशरफवाला गांव का निवासी था। हालांकि मौत का कारण दिल का दौरा बताया गया है, लेकिन इसके पीछे अन्य कारणों की भी अटकलें लगाई जा रही हैं।
आतंकी संगठन के मुख्यालय में अंतिम संस्कार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब्दुल अज़ीज़ इसर का अंतिम संस्कार बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद के मुख्य केंद्र मरकज में किया गया। यह वही जगह है, जिसे जैश अपना आध्यात्मिक और संचालन केंद्र मानता है। अंतिम संस्कार को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की भी नजर बनी हुई है।
भारत में आतंकी हमलों का रहा मास्टरमाइंड
मौलाना अब्दुल अज़ीज़ इसर का नाम भारत में हुए कई आतंकी हमलों से जोड़ा गया है। विशेष रूप से 2016 के नागरोटा आतंकी हमले में उसकी भूमिका संदिग्ध मानी गई थी। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि वह जैश की नीतियों और अभियानों को दिशा देने में अहम भूमिका निभाता था। इसके अलावा, वह पाकिस्तान में भारत-विरोधी भाषणों और कट्टरपंथी प्रचार के लिए भी बदनाम था।
क्या वाकई दिल का दौरा पड़ा?
हालांकि जैश समर्थक मीडिया और कुछ सूत्र मौत का कारण हार्ट अटैक बता रहे हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों को इसमें साजिश की बू आ रही है। इसर की रणनीतिक स्थिति को देखते हुए, विशेषज्ञ मानते हैं कि उसके अंत के पीछे आतंकी संगठनों के भीतर की कोई आंतरिक कलह या फिर किसी गुप्त ऑपरेशन की भी संभावना हो स
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