Agroterrorism Explained (एग्रो टेररिज्म क्या है?)
हाल ही में अमेरिका में दो चीनी नागरिकों पर एक खतरनाक फंगस की तस्करी का आरोप लगाया गया है। यह मामला कृषि आतंकवाद (Agroterrorism) की एक गंभीर आशंका को जन्म देता है, जहां जानबूझकर फसलों को निशाना बनाकर किसी देश की खाद्य आपूर्ति प्रणाली को नुकसान पहुंचाया जाता है।
क्या है मामला?
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, दो चीनी वैज्ञानिक – युनकिंग जियान (33) और जुनयोंग लियू (34) – पर एक जहरीले कवक Fusarium graminearum को अमेरिका में लाने और उस पर रिसर्च करने की साजिश रचने का आरोप है। यह कवक मुख्य रूप से गेहूं, जौ, मक्का और चावल जैसी फसलों को प्रभावित करता है और ‘हेड ब्लाइट’ नामक बीमारी फैलाता है, जिससे अरबों डॉलर की फसली क्षति हो सकती है।
इनमें से जियान को अमेरिका में गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि लियू फरार है। शिकायत के मुताबिक, दोनों ने पहले चीन में इस फंगस पर काम किया था और बाद में इसे अमेरिकी प्रयोगशाला में लाकर परीक्षण करने की योजना बनाई।
Agroterrorism: एक गंभीर खतरा
जब जैविक, रासायनिक या रेडियोधर्मी तरीकों से जानबूझकर फसलों या पशुओं को संक्रमित किया जाता है, जिससे खाद्य आपूर्ति बाधित हो, तो उसे एग्रो टेररिज्म कहा जाता है। इसका उद्देश्य एक देश की अर्थव्यवस्था, सामाजिक स्थिरता और जनस्वास्थ्य को कमजोर करना होता है।
यह आतंकवाद का ऐसा रूप है जिसमें सीधे लोगों की जान नहीं ली जाती, बल्कि खाद्य संकट और आर्थिक क्षति के माध्यम से एक राष्ट्र को अस्थिर करने की कोशिश की जाती है।
सुरक्षा एजेंसियों की चिंता
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह मामला सिर्फ रिसर्च का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। न्याय विभाग ने बताया कि यह फंगस न सिर्फ फसलों को बर्बाद करता है, बल्कि इससे इंसानों और जानवरों में उल्टी, लीवर डैमेज और प्रजनन समस्याएं भी हो सकती हैं।
इस घटना के बाद अमेरिका में चीनी छात्रों और वैज्ञानिकों पर बढ़ती निगरानी की आशंका जताई जा रही है। अमेरिकी सीनेटर मार्को रुबियो पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि अगर सुरक्षा को खतरा हुआ तो चीन के नागरिकों के वीजा रद्द किए जाएंगे। बीजिंग ने इस पर आपत्ति जताते हुए अमेरिका के कदम को पक्षपाती और अनुचित बताया है।
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