वॉशिंगटन, डीसी — अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा और विवादास्पद फैसला लिया है। एक नई कार्यकारी घोषणा के तहत, 12 देशों के नागरिकों को अमेरिका में प्रवेश से प्रतिबंधित कर दिया गया है, जबकि 7 अन्य देशों पर कड़ी निगरानी और सख्त नियम लागू किए जा रहे हैं। यह नया नियम सोमवार दोपहर 12 बजे से प्रभावी हो जाएगा।
🚫 किन देशों पर पूरी तरह बैन लगा?
नए प्रतिबंधों के तहत जिन 12 देशों के नागरिकों को अमेरिका में दाखिल होने से रोका जाएगा, उनमें शामिल हैं:
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अफगानिस्तान
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म्यांमार (बर्मा)
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चाड
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कांगो गणराज्य
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इक्वेटोरियल गिनी
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इरिट्रिया
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हैती
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ईरान
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लीबिया
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सोमालिया
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सूडान
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यमन
⚠️ और किन देशों पर सख्त कार्रवाई?
इन 7 देशों से आने वाले नागरिकों पर कठोर वीजा प्रक्रिया और गहन जांच लागू की जाएगी:
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बुरुंडी
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क्यूबा
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लाओस
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सिएरा लियोन
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टोगो
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तुर्कमेनिस्तान
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वेनेजुएला
ट्रंप का तर्क क्या है?
पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने इस फैसले को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ा है। उन्होंने बयान में कहा,
“मेरा कर्तव्य है कि मैं अमेरिकी नागरिकों और हमारे देश के हितों की रक्षा करूं। जिन देशों से संभावित खतरा है, उनके नागरिकों की एंट्री पर प्रतिबंध लगाना ज़रूरी है।”
यह निर्णय उस रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है जो विदेश मंत्रालय, होमलैंड सिक्योरिटी और राष्ट्रीय खुफिया विभागों द्वारा तैयार की गई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि इन देशों से आने वाले कुछ लोग संभावित सुरक्षा खतरे उत्पन्न कर सकते हैं।
ट्रंप का पुराना इतिहास
गौरतलब है कि 2017 में ट्रंप प्रशासन ने पहली बार ट्रैवल बैन लागू किया था, जिसे उस समय “मुस्लिम बैन” कहा गया था। इसमें सात मुस्लिम-बहुल देशों — इराक, सीरिया, ईरान, सूडान, लीबिया, सोमालिया और यमन — के नागरिकों पर प्रतिबंध लगाया गया था। शुरुआत में भारी विवाद और अदालती चुनौतियों के बावजूद, 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने संशोधित बैन को मंजूरी दी थी।
मानवाधिकार संगठनों की आशंका
हालांकि ट्रंप प्रशासन ने इन फैसलों को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बताया, कई आलोचकों और मानवाधिकार संगठनों ने इसे धार्मिक और नस्लीय पूर्वाग्रह से प्रेरित बताया है। फिर भी ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह फैसला धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा को लेकर लिया गया है।
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