Breaking News
imran khan pak

इमरान खान की रिहाई की अटकलें तेज़, लेकिन क्या पाक सेना देगी मंज़ूरी?

इस्लामाबाद – पाकिस्तान में एक बार फिर राजनीति गरमा गई है। 11 जून को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल से संभावित रिहाई की खबरों ने देश की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। यह दावा पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के एक वरिष्ठ नेता गौहर अली खान ने किया है।

🔍 क्या सच में छूट सकते हैं इमरान?

गौहर अली खान के अनुसार, अगस्त 2023 से अदियाला जेल में बंद इमरान खान को जमानत मिल सकती है। उन्होंने इशारा किया कि पर्दे के पीछे सेना और सत्तारूढ़ तंत्र के साथ बातचीत चल रही है, जिससे इमरान की रिहाई संभव हो सकती है। हालांकि, खुद इमरान खान ने ऐसी किसी वार्ता से इनकार किया है।


⚖️ पीटीआई नेता का बयान क्यों अहम है?

यह बयान इसलिए खास माना जा रहा है क्योंकि हाल ही में इमरान खान ने खुद को पीटीआई का संरक्षक घोषित किया था और जेल से ही जन आंदोलन छेड़ने की घोषणा की थी। ऐसे में गौहर का यह दावा दर्शाता है कि कुछ राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।


🧠 ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ा इमरान का जनसमर्थन

भारत द्वारा किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान में जनता के बीच गुस्सा और असंतोष देखा गया। इस माहौल में इमरान खान की लोकप्रियता फिर से बढ़ी है। उन्होंने भी इस मौके को भुनाते हुए जेल से देशव्यापी आंदोलन का आह्वान कर, सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर पर दबाव बढ़ाने की रणनीति अपनाई है।


⚔️ इमरान और असीम मुनीर की तनातनी

इमरान खान और पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही है।
खान ने खुलेआम आरोप लगाया है कि मुनीर ने ही सरकार गिराने और उनकी गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी पत्नी बुशरा बीबी की गिरफ्तारी भी सेना की साजिश का हिस्सा थी।


🪖 क्या सेना इमरान को रिहा होने देगी?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पाकिस्तानी सेना, जो लंबे समय से देश की राजनीति में पर्दे के पीछे से बड़ी भूमिका निभाती आई है, इमरान खान की रिहाई को स्वीकार करेगी?
हालिया हालात और जनरल मुनीर की बढ़ती पकड़ को देखते हुए यह संभावना बेहद कम लगती है। भले ही इमरान को अदालत से राहत मिले, लेकिन सेना की सहमति के बिना उनकी रिहाई की राह आसान नहीं मानी जा रही।


🔚 निष्कर्ष

11 जून का दिन इमरान खान और उनकी पत्नी के लिए अहम हो सकता है, लेकिन असली फैसला पाकिस्तानी सत्ता के असली केंद्र – सेना की मर्जी पर ही टिका है। इमरान की बढ़ती लोकप्रियता और सेना के साथ उनके संबंधों में खटास ने इस मामले को और अधिक पेचीदा बना दिया है।

About Chandni Khan

Check Also

homuz

ईरान ने होरमुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाने की तैयारी की: अमेरिकी सूत्र

वॉशिंगटन:ईरान ने जून महीने में फारस की खाड़ी में अपने जहाजों पर समुद्री बारूदी सुरंगें …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Channel 009
help Chat?