गाजा सिटी: इजराइल और हमास के बीच जारी लंबे संघर्ष ने न सिर्फ विनाश का नया अध्याय लिखा है, बल्कि हमास के अंदर नेतृत्व के खाली होते स्थान को लेकर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार टारगेट किलिंग और सैन्य हमलों में संगठन के कई वरिष्ठ नेताओं के मारे जाने के बाद अब यह सवाल सबसे अहम हो गया है: हमास की कमान किसके हाथ में जाएगी?
🔥 याह्या सिनवार के बाद अब किसका नाम?
हमास के शीर्ष नेता याह्या सिनवार, उनके भाई मोहम्मद सिनवार और शीर्ष सैन्य कमांडर रफ़ी शबाना की मौत की खबरों के बाद संगठन की शीर्ष नेतृत्व संरचना बिखरती नजर आ रही है। इस खालीपन को भरने के लिए जिस नाम की चर्चा जोरों पर है, वह हैं इज़ अल-दीन अल-हद्दाद, जिन्हें अबू सुहैब के नाम से जाना जाता है।
🧾 अबू सुहैब: कट्टर नेतृत्व का प्रतीक
अबू सुहैब कोई नया चेहरा नहीं हैं। वे 1987 में हमास की स्थापना के समय से ही संगठन के साथ जुड़े हुए हैं। गाजा ब्रिगेड के वर्तमान कमांडर के रूप में उन्होंने संघर्ष के कई अहम मोर्चों का नेतृत्व किया है। विश्लेषकों के मुताबिक, उनकी संगठनात्मक पकड़, वैचारिक निष्ठा और सैन्य रणनीति में अनुभव उन्हें नेतृत्व के लिए स्वाभाविक विकल्प बनाता है।
📉 इजराइल के हमलों से नेतृत्व संकट
इजराइल की आक्रामक रणनीति में अब तक हमास के दर्जनों कमांडर मारे जा चुके हैं। यह सिलसिला नेतृत्व के लिए जोखिम का प्रतीक बन गया है। इसीलिए हमास ने अब तक किसी भी नए शीर्ष नेता की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, क्योंकि ऐसा करना उसे सीधे इजराइली निशाने पर ला सकता है।
🤫 गोपनीय रणनीति: हमास का नया तरीका
संगठन की मौजूदा रणनीति में भूमिगत संचालन, विकेंद्रित नेतृत्व और गुप्त निर्णय प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे संगठन युद्ध के बीच में भी अपनी पकड़ बनाए रखने का प्रयास कर रहा है।
🔁 क्या हमास फिर से खड़ा हो पाएगा?
इतिहास के पन्नों पर नजर डालें तो हमास 2009, 2014 और 2021 जैसे संघर्षों के बाद भी गाजा में सत्ता में बना रहा है। अगर मौजूदा संकट के बाद संगठन दोबारा उभरता है, तो नए सिरे से संगठन का पुनर्गठन तय है। और उस नेतृत्व संरचना में अबू सुहैब की भूमिका केंद्रीय हो सकती है।
🎯 आगे की राह: संघर्ष, सत्ता और अस्तित्व की लड़ाई
फिलहाल गाजा में हालात अत्यधिक तनावपूर्ण हैं। इजराइल की रणनीति हमास को जड़ से उखाड़ फेंकने की है, वहीं हमास किसी भी कीमत पर अपने अस्तित्व को बचाने की कोशिश कर रहा है। इस युद्ध का अंत कब और कैसे होगा, यह तो भविष्य ही बताएगा, लेकिन इतना तय है कि हमास की अगली कहानी में अबू सुहैब जैसे नाम एक नई राजनीतिक-सैन्य दिशा तय कर सकते हैं।
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