लंदन: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस को उनके चार दिवसीय ब्रिटेन दौरे के दौरान बड़ा झटका लगा है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने उनके साथ मुलाकात से इनकार कर दिया, जिससे यूनुस की अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक साख पर सवाल खड़े हो गए हैं।
यूनुस की यात्रा को लेकर बांग्लादेशी मीडिया में पहले काफी हलचल थी, और उम्मीद जताई जा रही थी कि उनकी ब्रिटिश नेतृत्व से महत्वपूर्ण बातचीत होगी। लेकिन यूनुस ने खुद एक ब्रिटिश अखबार को दिए साक्षात्कार में स्वीकार किया कि पीएम स्टार्मर ने उनके साथ मिलने से इनकार कर दिया है।
हालांकि यूनुस ने ब्रिटेन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जोनाथन पॉवेल से मुलाकात की, लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से साफ कर दिया गया है कि स्टार्मर के कार्यक्रम में यूनुस से कोई भेंट तय नहीं थी।
लंदन में विरोध प्रदर्शन, नारे और अंडे-जूते फेंके गए
यूनुस के ब्रिटेन पहुंचते ही हीथ्रो एयरपोर्ट और उनके होटल के बाहर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने विरोध किया। उनके हाथों में बैनर थे जिन पर लिखा था – “यूनुस मुक्ति सेनानियों का हत्यारा है” और “गो बैक यूनुस”। प्रदर्शनकारियों ने उन पर बांग्लादेश में कट्टरपंथ और आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
इस विरोध में शामिल कई लोग वे हैं जो अवामी लीग समर्थक हैं या यूनुस के शासनकाल में उत्पीड़न के चलते ब्रिटेन में शरण ले चुके हैं। प्रदर्शन के दौरान यूनुस के काफिले पर जूते और अंडे तक फेंके गए।
ब्रिटिश संस्थानों से की गई अपील
अवामी लीग की ब्रिटेन शाखा ने इस पूरे मामले को लेकर 10 डाउनिंग स्ट्रीट, हाउस ऑफ कॉमन्स के स्पीकर, किंग्स फाउंडेशन और कॉमनवेल्थ सचिवालय को पत्र लिखा है। इसमें अपील की गई है कि ब्रिटिश सरकार यूनुस की प्रशासनिक भूमिका को मान्यता न दे।
पत्र में कहा गया कि वर्तमान समय में बांग्लादेश मानवाधिकार उल्लंघन, राजनीतिक दमन और महिलाओं पर अत्याचार जैसे गंभीर संकटों से गुजर रहा है। ऐसे में यूनुस के साथ किसी भी प्रकार की भागीदारी ब्रिटेन की लोकतंत्र समर्थक वैश्विक छवि को कमजोर कर सकती है।
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