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केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बड़ी खुशखबरी है। 8वीं वेतन आयोग (8th Pay Commission) की प्रक्रिया में हो रही देरी अब खत्म होने वाली है। सरकार ने कर्मचारी यूनियनों की मांग पर वेतन आयोग के लिए जरूरी कदम उठाने का वादा किया है। इसमें आयोग के काम करने के नियम (ToR) और सदस्यों व अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया शामिल है। इससे करीब 1.2 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत मिलेगी।
ToR क्या है?
जब सरकार 8वीं वेतन आयोग बनाएगी, तो सबसे पहले वेतन आयोग के लिए टर्म ऑफ रेफरेंस (ToR) जारी करेगी। ToR में कर्मचारियों के वेतन, प्रमोशन और कामकाज से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें होती हैं। जब तक ToR जारी नहीं होता, वेतन आयोग की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू नहीं होती।
कैबिनेट सेक्रेटरी से हुई बैठक में क्या हुआ?
कर्मचारी यूनियन NC-JCM के महासचिव एसजी मिश्रा ने बताया कि हाल ही में कैबिनेट सेक्रेटरी से मुलाकात में ToR में हो रही देरी पर चिंता जताई गई। कैबिनेट सेक्रेटरी ने आश्वासन दिया कि ToR जल्द जारी कर दिया जाएगा और प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यह कर्मचारियों के लिए अच्छा संकेत है कि सरकार अब वेतन आयोग को लेकर सक्रिय है।
8वीं वेतन आयोग में होंगे 35 सदस्य
मिश्रा ने बताया कि सरकार ने 8वीं वेतन आयोग के लिए 35 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ये सदस्य आयोग के संचालन, डेटा विश्लेषण और रिपोर्ट बनाने जैसे काम करेंगे।
8वीं वेतन आयोग कब लागू हो सकती है?
पूर्व कर्मचारी नेता एचएस तिवारी के अनुसार, केंद्र सरकार हर 10 साल में वेतन आयोग बनाती है ताकि कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और पेंशन की समीक्षा हो सके। 7 वेतन आयोग पहले बन चुके हैं और हर बार कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। अगर 8वीं वेतन आयोग की प्रक्रिया समय पर पूरी होती है, तो यह 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में लागू हो सकती है। आयोग को अपनी सिफारिश देने में करीब डेढ़ से दो साल लगते हैं।
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