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दौसा (राजस्थान):
लालसोट क्षेत्र के निर्झरना गांव में स्थित काली डूंगरी हनुमान मंदिर को आस्था का बड़ा केंद्र माना जाता है। कहा जाता है कि करीब 150 साल पहले एक महिला भक्त की पुकार सुनकर हनुमानजी पहाड़ी से नीचे उतर आए थे। अब उसी पवित्र स्थान पर भव्य मंदिर का निर्माण अंतिम चरण में है।
भक्त की प्रार्थना पर नीचे आए थे हनुमानजी
गांव के चौबे परिवार की एक महिला हर रोज पहाड़ी पर जाकर हनुमानजी की पूजा करती थी। जब उसकी उम्र बढ़ी और चढ़ाई मुश्किल हो गई, तो उसने हनुमानजी से नीचे आने की प्रार्थना की। माना जाता है कि हनुमानजी उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर स्वयं पहाड़ी से नीचे आ गए और आज जहां उनकी प्रतिमा है, वहीं उन्होंने स्वयं को स्थापित किया।
भव्य मंदिर निर्माण का सपना हो रहा पूरा
करीब 4.5 साल पहले मंदिर निर्माण की शुरुआत हुई थी, जो अब लगभग पूरा हो चुका है। यह मंदिर मकराना के सफेद संगमरमर से बन रहा है और इसमें की गई बारीक नक्काशी इसे बेहद सुंदर बना रही है।
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200 वर्ग गज क्षेत्र में बन रहा है मंदिर
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शुरुआत में लागत 3 करोड़ आंकी गई थी, अब बढ़कर 5 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है
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80% कार्य पूरा हो चुका है, बाकी का काम अगले 6 महीने में पूरा होने की उम्मीद है
फरवरी 2026 में प्राण प्रतिष्ठा की संभावना
मंदिर में श्रीराम जानकी धाम मंदिर के 10वें स्थापना वर्ष पर यानी फरवरी 2026 में हनुमानजी की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। निर्माण कार्य जन सहयोग से किया जा रहा है।
संत अवधेशदास ने मंदिर निर्माण तक अन्न त्यागा
मंदिर के संत अवधेशदास ने मंदिर की आधारशिला 23 फरवरी 2021 को रखी थी। उसी दिन से उन्होंने अन्न त्याग दिया और तब से सिर्फ फलाहार पर हैं। उनका संकल्प है कि जब तक मंदिर पूरी तरह तैयार नहीं होता, वे अन्न ग्रहण नहीं करेंगे।
25 साल से हो रहा अखंड रामायण पाठ
मंदिर में पिछले 25 वर्षों से अखंड रामायण पाठ और अखंड ज्योति लगातार जारी है, जो श्रद्धालुओं की भक्ति का प्रतीक है।
यह स्थान न केवल धार्मिक दृष्टि से पवित्र है, बल्कि भक्ति और चमत्कार की अद्भुत मिसाल भी पेश करता है।
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