भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टेस्ट सीरीज अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। इस समय इंग्लैंड 2-1 से आगे है और अब सिर्फ एक मैच बचा है, जो 31 जुलाई से लंदन के ओवल मैदान में खेला जाएगा। ऐसे में भारतीय टीम के पास सीरीज जीतने का मौका तो नहीं बचा है, लेकिन अगर वे अगला मैच जीत लें या ड्रॉ करा लें, तो कम से कम हार से बच सकते हैं। पूरी सीरीज में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी निभाई है और गेंदबाजों ने भी अहम मौके पर विकेट निकाले हैं। रवींद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर जैसे ऑलराउंडरों ने टीम को संतुलन दिया है।
हालांकि, इस सीरीज की शुरुआत से ही कुलदीप यादव को प्लेइंग इलेवन में शामिल न किए जाने को लेकर लगातार बहस हो रही है। कुलदीप एक ऐसे स्पिनर हैं जो मैच का रुख पलटने की काबिलियत रखते हैं। उनकी गूगली और फ्लिपर से बल्लेबाज अक्सर परेशान होते हैं।
अब सवाल उठता है कि क्या भारत को पांचवें और आखिरी टेस्ट मैच में तीन स्पिन गेंदबाजों के साथ उतरना चाहिए? रवींद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर तो पहले से ही टीम में हैं, और अगर कुलदीप यादव को भी शामिल कर लिया जाए, तो भारत 3 स्पिनर लेकर मैदान पर उतरेगा। यह फैसला पिच की कंडीशन और मौसम पर भी निर्भर करेगा। अगर ओवल की पिच स्पिनरों को मदद देती है और मैच के आखिरी दिनों में टर्न होता है, तो यह रणनीति फायदे की हो सकती है। लेकिन अगर पिच सपाट रहती है या तेज गेंदबाजों को मदद देती है, तो 3 स्पिनर खेलाना जोखिम भरा हो सकता है।
भारत के पास अब खोने के लिए कुछ नहीं है, लेकिन एक मैच जीतकर सम्मान बचाने का मौका जरूर है। कुलदीप यादव को मौका देना उनकी प्रतिभा और मेहनत के लिए एक सही कदम हो सकता है। अब देखना होगा कि टीम मैनेजमेंट क्या रणनीति अपनाता है।
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