इंग्लैंड की फुटबॉल क्लब क्रिस्टल पैलेस की स्थापना साल 1905 में हुई थी। लंबे समय तक टीम किसी भी बड़ी ट्रॉफी को अपने नाम नहीं कर पाई। लेकिन 2025 क्लब के इतिहास का सुनहरा साल बन गया। इस साल मई में टीम ने एफए कप का खिताब जीतकर 119 साल का इंतजार खत्म किया और अब कुछ ही महीनों बाद कम्युनिटी शील्ड भी अपने नाम कर लिया।
कम्युनिटी शील्ड इंग्लिश फुटबॉल का प्रतिष्ठित मुकाबला है, जो हर साल प्रीमियर लीग चैंपियन और एफए कप विजेता के बीच लंदन के वेम्बली स्टेडियम में खेला जाता है। इस बार क्रिस्टल पैलेस का सामना लिवरपूल से हुआ।
मैच की शुरुआत में ही लिवरपूल ने बढ़त बना ली। चौथे मिनट में हुगो इकिटिके ने गोल कर टीम को 1-0 से आगे कर दिया। लेकिन 17वें मिनट में पैलेस के जीन-फिलिपे मैटेटा ने गोल दागकर स्कोर बराबर कर दिया। सिर्फ चार मिनट बाद ही लिवरपूल के जेरेमी फ्रेंपोंग ने गोल कर अपनी टीम को 2-1 से आगे कर दिया।
निर्धारित समय तक स्कोर 2-2 रहा और मुकाबला पेनल्टी शूटआउट में चला गया। यहां से मैच का असली रोमांच शुरू हुआ। लिवरपूल की तरफ से मोहम्मद सलाह, एलेक्सिस मैक एलिस्टर और हार्वी एलिएट गोल करने में चूक गए। पैलेस ने चार पेनल्टी में बढ़त बना ली थी, लेकिन लिवरपूल के डॉमिनिक सोबोस्जलाई ने गोल कर स्कोर बराबर कर दिया। आखिरी और निर्णायक पेनल्टी पर 21 वर्षीय जस्टिन डेवेनी ने कोई गलती नहीं की और गोल कर अपनी टीम को जीत दिला दी।
इस जीत में सबसे बड़ा योगदान पैलेस के गोलकीपर डीन हेंडरसन का रहा, जिन्होंने शूटआउट में दो पेनल्टी बचाईं। मैच के बाद उन्होंने कहा, “यह अविश्वसनीय है। लिवरपूल एक मजबूत टीम है, जिसके पास कई बेहतरीन खिलाड़ी हैं। हमने सिर्फ तीन महीने में दो बड़ी ट्रॉफी जीती हैं, यह सपने जैसा है।”
क्रिस्टल पैलेस के लिए यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी से बढ़कर है — यह उनके 119 साल के संघर्ष, धैर्य और मेहनत का परिणाम है।
CHANNEL009 Connects India
