न्यूज़ीलैंड के पूर्व बल्लेबाज और मौजूदा समय में टीम के सहायक कोच क्रेग मैकमिलन का मानना है कि हाल ही में इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टेस्ट टीम को हार्दिक पांड्या जैसे तेज गेंदबाज ऑलराउंडर की कमी खली। एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 में भारत के पास नितीश कुमार रेड्डी और शार्दुल ठाकुर जैसे खिलाड़ी तो थे, लेकिन उनका प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा।
मैकमिलन ने कहा कि इंग्लैंड को बेन स्टोक्स जैसे खिलाड़ी का फायदा मिला, जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में टीम के लिए योगदान दे सकते हैं। उनके मुताबिक, एशियाई पिचों पर आमतौर पर स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर का रोल अहम होता है, लेकिन जब खेल SENA देशों (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूज़ीलैंड, ऑस्ट्रेलिया) में होता है, तो टीम को तेज गेंदबाजी करने वाला ऑलराउंडर चाहिए।
उन्होंने समझाया, “अगर आप भारत, श्रीलंका या पाकिस्तान में खेल रहे हैं तो रवींद्र जडेजा, वाशिंगटन सुंदर या पहले के समय में आर अश्विन जैसे स्पिन ऑलराउंडर काम आते हैं। लेकिन इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया या न्यूज़ीलैंड में आपको ऐसे खिलाड़ी की ज़रूरत होती है जो 130-135 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंदबाजी कर सके और निचले क्रम में तेज़ रन भी बना सके। भारत के पास इस समय हार्दिक पांड्या जैसा कोई विकल्प नहीं है। इंग्लैंड के पास बेन स्टोक्स ही ऐसा खिलाड़ी है जो दोनों विभागों में मैच का रुख बदल सकता है।”
हार्दिक पांड्या को पीठ की चोट के बाद से टेस्ट क्रिकेट में नहीं देखा गया है। उन्होंने खुद को सीमित ओवरों के प्रारूप तक सीमित रखा है। पांड्या ने भारत के लिए 2024 में बारबाडोस में आयोजित टी20 विश्व कप और 2025 में यूएई में हुई आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जिताने में अहम योगदान दिया।
टेस्ट करियर की बात करें तो पांड्या ने आखिरी बार 2018 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट खेला था। 11 टेस्ट मैचों में उन्होंने 31.29 की औसत से 532 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और चार अर्धशतक शामिल हैं। टेस्ट में उनका स्ट्राइक रेट 73.88 रहा है, जो बताता है कि वह तेज़ गति से रन बनाने में माहिर हैं। गेंदबाजी में भी वह अहम ब्रेकथ्रू दिलाने में सक्षम रहे हैं।
मैकमिलन का मानना है कि अगर भारत को विदेशी पिचों पर बेहतर प्रदर्शन करना है, तो टीम मैनेजमेंट को हार्दिक पांड्या जैसा तेज गेंदबाज ऑलराउंडर ढूंढना होगा, जो बैट और बॉल दोनों से असर डाल सके।
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