भारतीय क्रिकेट टीम के दो सबसे बड़े स्टार — विराट कोहली और रोहित शर्मा — इन दिनों चर्चा के केंद्र में हैं। इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में खत्म हुई टेस्ट सीरीज़ के बाद अचानक से दोनों के भविष्य को लेकर बातें तेज हो गई हैं। क्रिकेट गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाला ऑस्ट्रेलिया दौरा, इन दोनों दिग्गजों का वनडे फॉर्मेट में आखिरी दौरा हो सकता है।
पहले माना जा रहा था कि रोहित और कोहली 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक खेलेंगे। अगर ऐसा होता, तो उस समय रोहित शर्मा की उम्र करीब 40 साल और विराट कोहली की उम्र लगभग 39 साल हो जाती। लेकिन ताज़ा हालात देखते हुए यह संभावना अब कम नज़र आ रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि अगर दोनों खिलाड़ी विजय हजारे ट्रॉफी में हिस्सा नहीं लेते, तो ऑस्ट्रेलिया में होने वाली वनडे सीरीज़ उनके करियर का आखिरी अध्याय हो सकती है। हालांकि, कुछ रिपोर्ट यह भी कहती हैं कि इस मुद्दे पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है और इसे अगले साल के टी20 वर्ल्ड कप के बाद ही तय किया जाएगा।
फिलहाल, बीसीसीआई का पूरा फोकस 2026 टी20 वर्ल्ड कप की तैयारी पर है। लेकिन इस बीच, भारत के पूर्व चयनकर्ता देवांग गांधी ने एक अहम बयान देकर चर्चा को और हवा दे दी है।
देवांग गांधी का मानना है कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए अब समय आ गया है कि यशस्वी जायसवाल, साई सुदर्शन और ऋषभ पंत जैसे युवा खिलाड़ियों को वनडे टीम में लगातार मौके दिए जाएं। उन्होंने कहा – “आप इन खिलाड़ियों को कब तक बाहर रखेंगे? उन्होंने पहले ही दिखा दिया है कि उनमें कितना टैलेंट है। अगर कोई खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट में अच्छा करता है और उसके पास पावर गेम भी है, तो उसके लिए वनडे खेलना और आसान हो जाता है।” गांधी ने यह भी कहा कि यह जरूरी है कि चयनकर्ता और टीम प्रबंधन मिलकर एक स्पष्ट योजना बनाएं। गांधी के मुताबिक, अगर टीम एक साल बाद बदलाव करने की सोचती है, तो नए खिलाड़ी को तैयार करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलेगा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि रोहित और विराट का भारतीय क्रिकेट में योगदान अविश्वसनीय रहा है, लेकिन समय किसी के लिए नहीं रुकता।
उनका साफ संदेश था – “अगर भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाना है, तो अब नए खिलाड़ियों को बड़े मंच पर मौका देना होगा।”
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