भारतीय क्रिकेट के इतिहास में अगर सबसे भरोसेमंद और शांत बल्लेबाजों का नाम लिया जाए, तो उसमें राहुल द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर जरूर शामिल होंगे। दोनों ने मिलकर भारतीय टीम को कई मुश्किल हालात से बाहर निकाला और क्रिकेट फैंस को यादगार पल दिए। लेकिन हाल ही में राहुल द्रविड़ ने एक ऐसा किस्सा साझा किया, जिसमें उन्होंने माना कि सचिन की बात मानकर उन्होंने गलती कर दी थी और बाद में उन्हें इसका काफी पछतावा हुआ।
राहुल द्रविड़ ने रविचंद्रन अश्विन के साथ एक बातचीत में बताया कि ये घटना साल 2011 के इंग्लैंड दौरे की है। उस समय भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज खेली जा रही थी। एजबेस्टन टेस्ट मैच में जेम्स एंडरसन की गेंद पर अंपायर साइमन टौफेल ने द्रविड़ को कैच आउट दे दिया।
द्रविड़ ने कहा कि उस समय उनके साथ बल्लेबाजी कर रहे थे सचिन तेंदुलकर। आउट दिए जाने के बाद द्रविड़ के पास डीआरएस (Decision Review System) लेने का विकल्प था। द्रविड़ को लगा कि शायद गेंद उनके बल्ले से नहीं लगी, लेकिन उन्हें एक आवाज जरूर सुनाई दी। इस पर उन्होंने सचिन से राय ली।
सचिन ने कहा, “बहुत शोर था राहुल, मुझे लगता है कि गेंद बल्ले से लगी है।” सचिन की बात सुनकर द्रविड़ ने अंपायर के फैसले को चुनौती नहीं दी और पवेलियन लौट गए। जब राहुल द्रविड़ ड्रेसिंग रूम में पहुंचे और रिप्ले देखा, तो उन्हें साफ दिखाई दिया कि गेंद बल्ले से बिल्कुल भी नहीं लगी थी। दरअसल जो आवाज सुनाई दी थी, वो उनके जूते की डोरी और बल्ले के टकराने की थी। यानी कि अगर द्रविड़ डीआरएस ले लेते, तो वे नॉट आउट साबित हो जाते और अपनी पारी जारी रख सकते थे।
इस वाकये को याद करते हुए द्रविड़ ने कहा कि यह उनके करियर का ऐसा पल था जब उन्हें सचिन की सलाह मानने का अफसोस हुआ। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि अंपायर साइमन टौफेल बहुत ही ईमानदार और सम्मानित अंपायर थे, इसलिए उस समय उन्हें ज्यादा शक भी नहीं हुआ।
इस किस्से से एक बड़ी सीख मिलती है कि मैदान पर कभी-कभी खिलाड़ियों को अपने ही अहसास पर भरोसा करना चाहिए। चाहे सामने कितनी भी बड़ी शख्सियत क्यों न हो, खेल के दौरान सही निर्णय लेना हर खिलाड़ी के लिए जरूरी होता है।
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