सुप्रीम कोर्ट ने दो अहम फैसले सुनाए हैं। पहले मामले में BCCI को लेकर दायर याचिका में याची को फटकार लगाई गई और दूसरे मामले में सेल डीड को महत्वपूर्ण और वैध दस्तावेज माना गया।
BCCI मामले में याची को फटकार
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याची ने अदालत से कहा था कि BCCI एक प्राइवेट संस्था है, इसलिए भारतीय क्रिकेट टीम को राष्ट्रीय टीम नहीं कहा जाना चाहिए।
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भारतीय क्रिकेट टीम भारत का प्रतिनिधित्व करती है, इसलिए यह याचिका निराधार है और रद्द की जाती है।
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जस्टिस जॉय माल्या बागची ने याची को फटकारते हुए कहा कि कोर्ट का समय बर्बाद करना उचित नहीं है और घर बैठे कोई भी ड्राफ्ट तैयार करना सही नहीं है।
सेल डीड को महत्वपूर्ण दस्तावेज माना
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सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्टर्ड सेल डीड को महत्वपूर्ण और विश्वसनीय दस्तावेज करार दिया।
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कोर्ट ने कहा कि ऐसे दस्तावेज को आसानी से फर्जी नहीं घोषित किया जा सकता।
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कर्नाटक हाईकोर्ट ने पहले 1971 के सेल डीड और किराया समझौते को कम महत्व का बता दिया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने पलट दिया।
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जस्टिस मनमोहन सिंह और जस्टिस राशि बिंदल की पीठ ने कहा कि सेल डीड पर गहन मंथन होना चाहिए और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला BCCI की राष्ट्रीय पहचान और रजिस्टर्ड सेल डीड की वैधता को लेकर बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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