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Property Registration Rules Update:
संपत्ति की खरीद-बिक्री को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए रजिस्ट्री विभाग ने नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब जमीन या मकान की रजिस्ट्री कराने के लिए आधार कार्ड के साथ पैन कार्ड भी अनिवार्य कर दिया गया है। अगर खरीदार या विक्रेता के पास पैन कार्ड नहीं होगा, तो रजिस्ट्री नहीं हो पाएगी।
फॉर्म 60 का विकल्प खत्म
पहले जिन लोगों के पास पैन कार्ड नहीं होता था, वे फॉर्म 60 भरकर संपत्ति की रजिस्ट्री करा सकते थे। लेकिन अब सरकार ने फॉर्म 60 का विकल्प पूरी तरह खत्म कर दिया है। यानी अब बिना पैन कार्ड के रजिस्ट्री संभव नहीं होगी।
क्यों लिया गया यह फैसला
यह नई व्यवस्था खास तौर पर भारत-नेपाल सीमा से लगे जिलों में लागू की गई है। इसका मकसद:
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फर्जी पहचान पर रोक लगाना
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जमीन और मकान में होने वाले अवैध और बेनामी निवेश को रोकना
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काले धन के इस्तेमाल पर लगाम लगाना
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वित्तीय अपराधों और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों को कम करना
पैन का ऑनलाइन सत्यापन होगा
अब रजिस्ट्री के समय:
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सभी पक्षकारों को पैन नंबर ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करना होगा
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विभागीय सॉफ्टवेयर से पैन कार्ड का ऑनलाइन सत्यापन किया जाएगा
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सत्यापन के बाद ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होगी
अधिकारियों के निर्देश जारी
महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा ने इस संबंध में सभी सहायक महानिरीक्षक और उप निबंधकों को निर्देश जारी कर दिए हैं, ताकि नए नियमों का सख्ती से पालन हो सके।
संक्षेप में:
अब संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए आधार + पैन कार्ड अनिवार्य है। फॉर्म 60 अब मान्य नहीं रहेगा। यह कदम रियल एस्टेट में पारदर्शिता बढ़ाने और काले धन पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है।
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