शाहजहांपुर। बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट और निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी के नए नियमों को लेकर जनप्रतिनिधियों पर जोरदार हमला बोला है। शाहजहांपुर में हुई प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि देशभर में इन नियमों के खिलाफ विरोध हो रहा है, लेकिन सत्ता पक्ष के नेता चुप्पी साधे हुए हैं।
अलंकार ने कहा कि कई जनप्रतिनिधि सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनाव जीतते हैं। उनका खुद का कोई जनाधार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि टिकट मिलने के बाद ये नेता हिंदू–मुस्लिम मुद्दों के सहारे चुनाव तो जीत लेते हैं, लेकिन जनता से जुड़े असली सवालों पर बोलने से बचते हैं।
भाजपा की तुलना ईस्ट इंडिया कंपनी से
प्रेसवार्ता में अलंकार अग्निहोत्री ने भाजपा पर तीखी टिप्पणी करते हुए उसकी तुलना ईस्ट इंडिया कंपनी से की। उन्होंने कहा कि जैसे ईस्ट इंडिया कंपनी ने धीरे-धीरे देश पर कब्जा किया था, वैसे ही आज हालात बनते दिख रहे हैं। यह बयान राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा में है।
परशुराम धाम में दर्शन के बाद एक कैफे में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र कमजोर हो रहा है। उनका कहना था कि यही वजह है कि उन्हें अपनी नौकरी छोड़नी पड़ी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले समय में हालात और खराब हो सकते हैं।
एससी-एसटी एक्ट पर भी सवाल
अलंकार ने एससी-एसटी एक्ट को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में सामान्य वर्ग की हालत खराब हो रही है और ओबीसी वर्ग भी इससे परेशान है। उन्होंने दावा किया कि इन वर्गों को साथ लेकर एक नया राजनीतिक विकल्प तैयार किया जा रहा है, जिसकी घोषणा जल्द की जाएगी।
उनके इस बयान के बाद उनके सक्रिय राजनीति में आने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस प्रेसवार्ता में कांग्रेस के युवा जिलाध्यक्ष रामजी अवस्थी, जिला महामंत्री गौरव त्रिपाठी सहित अन्य लोग भी मौजूद थे।
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