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जोधपुर जिले के पाल गांव स्थित आरती नगर आश्रम में रहने वाली 25 वर्षीय कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत का मामला अब नए मोड़ पर है। शुरुआत में जहर दिए जाने की आशंका जताई गई थी, लेकिन एफएसएल रिपोर्ट में किसी भी जहर की पुष्टि नहीं हुई। अब जांच अस्थमा अटैक या इंजेक्शन के रिएक्शन की दिशा में की जा रही है। अंतिम सच मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।
अचानक बिगड़ी थी तबीयत
28 जनवरी की शाम साध्वी की तबीयत अचानक खराब हो गई। उन्हें गले में खराश और जुकाम की शिकायत थी। आश्रम में ही कंपाउंडर देवी सिंह को बुलाया गया, जिसने शाम करीब 5:15 बजे उन्हें इंजेक्शन लगाया।
इंजेक्शन लगने के कुछ मिनट बाद ही उनकी हालत तेजी से बिगड़ गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनका निधन हो गया।
पुलिस की जांच जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) बनाई।
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अब तक 48 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है।
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500 से ज्यादा पेज की पूछताछ रिपोर्ट तैयार हुई है।
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40 से अधिक मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगाली गई है।
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35 से ज्यादा सैंपल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।
29 जनवरी को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया, लेकिन मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया। आंतों में लालिमा मिलने के बाद जहर की आशंका जताई गई थी। विसरा जांच के लिए भेजा गया, लेकिन एफएसएल रिपोर्ट में किसी भी विषाक्त पदार्थ की पुष्टि नहीं हुई।
इंस्टाग्राम पोस्ट से बढ़ा संदेह
मौत के करीब चार घंटे बाद साध्वी के इंस्टाग्राम अकाउंट से एक कथित सुसाइड नोट पोस्ट किया गया। जांच में पता चला कि यह पोस्ट उनके पिता के कहने पर सोशल मीडिया हैंडलर ने डाला था।
इस पोस्ट के बाद साजिश की आशंका भी जताई गई, लेकिन पुलिस ने अभी तक किसी साजिश की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट का इंतजार
साध्वी पहले से एक वायरल वीडियो मामले को लेकर मानसिक तनाव में थीं। फिलहाल अंतिम फैसला मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर निर्भर है।
रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगा कि मौत अस्थमा अटैक, इंजेक्शन के रिएक्शन या किसी अन्य कारण से हुई। जांच अभी जारी है।
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