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यूपी में कामकाजी महिलाओं के लिए 8 नए छात्रावास, ₹251.82 करोड़ जारी

उत्तर प्रदेश सरकार ने कामकाजी महिलाओं के लिए आठ नए श्रमजीवी महिला छात्रावास बनाने की योजना को तेज कर दिया है। कुल ₹382 करोड़ की इस परियोजना में से ₹251.82 करोड़ की पहली किस्त जारी कर दी गई है। इससे निर्माण कार्य को गति मिली है।

इस योजना का उद्देश्य शहरों में नौकरी करने आने वाली महिलाओं को सुरक्षित, किफायती और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है। यह परियोजना केंद्र सरकार की एसएएससीआई (SASCI) योजना के तहत चलाई जा रही है और केंद्र व राज्य सरकार मिलकर इसे लागू कर रहे हैं।


तीन शहरों में बनेंगे छात्रावास

इस योजना के तहत:

  • लखनऊ में 3 छात्रावास

  • गौतमबुद्धनगर में 4 छात्रावास

  • गाजियाबाद में 1 छात्रावास

बनाए जा रहे हैं।

हर छात्रावास में 500 महिलाओं के रहने की सुविधा होगी। इस तरह कुल 4,000 कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवास मिलेगा।

लखनऊ, गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद में जमीन आवंटन और जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर निर्माण कार्य शुरू किया जा चुका है।


निर्माण की जिम्मेदारी

सरकार ने निर्माण कार्य के लिए सीएंडडीएस (C&DS) को जिम्मेदारी सौंपी है। यह संस्था गुणवत्ता, तकनीकी काम और समय सीमा का ध्यान रखेगी। अधिकारियों द्वारा नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि काम तय समय पर पूरा हो।


सुरक्षा और सुविधाओं पर खास ध्यान

इन छात्रावासों में महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। यहां:

  • 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था

  • सीसीटीवी कैमरे

  • प्रवेश-निकास नियंत्रण

  • महिला सुरक्षा कर्मी

की व्यवस्था होगी।

इसके अलावा स्वच्छ पेयजल, साफ शौचालय, सामुदायिक रसोई या भोजनालय, अध्ययन कक्ष, बैठक कक्ष और जरूरी चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।


महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम

सरकार का मानना है कि सुरक्षित आवास मिलने से महिलाएं बिना डर के अपने काम पर ध्यान दे सकेंगी। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे रोजगार के अधिक अवसरों का लाभ उठा सकेंगी।

यह योजना शहरी अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगी। आईटी, शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं को बड़ा लाभ मिलेगा।


केंद्र और राज्य का संयुक्त प्रयास

इस योजना में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही हैं। केंद्र सरकार वित्तीय सहायता दे रही है, जबकि राज्य सरकार भूमि, निर्माण और निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रही है।

सरकार का लक्ष्य है कि सभी छात्रावास तय समय सीमा में और अच्छी गुणवत्ता के साथ तैयार हों, ताकि लंबे समय तक महिलाएं सुरक्षित और सम्मानजनक आवास का लाभ उठा सकें।

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